Kedarnath dham: यात्रियों के बढ़ने से हेली टिकट के लिए मची मारामारी, यूकाडा ने कम किए स्लाट
पिछले तीन दिनों में 31978 यात्री पहुंच चुके हैं जिसमें हेलीकॉप्टर से पहुंचने वालों की संख्या साढ़े चार हजार से अधिक है। हेलीकॉप्टर की टिकट के लिए सभी नौ हेली कंपनियों के कार्यालयों में मारामारी मची हुई है।
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केदारनाथ यात्रियों की संख्या में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। स्थिति यह है कि यात्रियों को हेली टिकट नहीं मिल पा रही है। यूकाडा ने हेली कंपनियों के स्लॉट और पायलटों के काम के घंटे भी कम कर दिए हैं। इससे भी दिक्कत हो रही है।
पिछले तीन दिनों में 31978 यात्री पहुंच चुके हैं जिसमें हेलीकॉप्टर से पहुंचने वालों की संख्या साढ़े चार हजार से अधिक है। हेलीकॉप्टर की टिकट के लिए सभी नौ हेली कंपनियों के कार्यालयों में मारामारी मची हुई है। सुबह से शाम तक टिकट के लिए काउंटरों पर भीड़ उमड़ी है। तीन दिन पूर्व दिल्ली से पहुंचे संजय कश्यप ने बताया कि वे आठ लोग केदारनाथ यात्रा के लिए आए हैं। उनके साथ के तीन लोग पैदल मार्ग से धाम चले गए लेकिन पांच लोग हेलीकॉप्टर की टिकट के लिए गुप्तकाशी से फाटा तक हेली कंपनियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
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हेलीकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी एवं जिला साहसिक खेल एवं पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि यूकाडा ने हेली कंपनियों के लिए एक दिन के स्लॉट तय कर दिए हैं। साथ ही पायलटों के काम के दो घंटे कम कर दिए हैं जिससे दिक्कत आ रही है। केदारनाथ यात्रा में इस बार नौ हेली कंपनियों के हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। अभी तक हेलीकॉप्टर से 1,25,255 यात्री धाम पहुंच चुके हैं।
केदारनाथ धाम में श्रद्घालुओं की संख्या के सामने सीमित व्यवस्था
मानसून सीजन के बाद केदारनाथ में फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। धाम में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था कम पड़ रही है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 13 से 14 हजार तीर्थयात्री दर्शन के लिए केदारनाथ पहुंच रहे हैं। अब तक चारधाम में लगभग 40 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
इस बार तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। केदारनाथ धाम के कपाट छह मई और बदरीनाथ के आठ मई को खुले थे। कोविड महामारी के कारण दो साल बाद चारधाम यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हुई। कपाट खुलने के दिन ही केदारनाथ धाम में 20 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे इंतजाम भी कम पड़े गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में प्रतिदिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या तय की थी।
ऋषिकेश, हरिद्वार में पंजीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। मानसून के कारण चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी आई, लेकिन अब मानसून सीजन खत्म होने के बाद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
बड़ी संख्या में तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंचे रहे हैं, जो बिना किसी व्यवस्था के रात्रि विश्राम के लिए रुक रहे हैं। केदारनाथ धाम की एक वहनीय क्षमता है। अधिक श्रद्धालु रात्रि विश्राम केदारनाथ धाम में करना चाहते हैं, जिससे होटल, लॉज, हट्स की सुविधा कम पड़ रही है। तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही केदारनाथ में रात्रि विश्राम के लिए जाएं।
- अजेंद्र अजय, अध्यक्ष बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति