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अब दो किमी पहले भक्तों को मिलेंगे केदार बाबा

Fri, 03 Apr 2015 01:59 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 03 Apr 2015 01:59 PM IST
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kedarnath dham news update.

केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों को लगभग दो किलोमीटर दूर से ही केदारधाम के दर्शन हो सकेंगे।

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यह स्थान रुद्र प्वाइंट के निकट है जिसे देवदर्शनी स्थल भी कहते हैं। आपदा से पूर्व धाम में स्थित भवनों की वजह से केदारनाथ मंदिर दूर से पूरी तरह नजर नहीं आता था।

केदारनाथ के पुनर्निर्माण में जुटे नेहरूपर्वतारोहण संस्थान को मंदिर को ढकने वाले मकानों को तोड़ने के लिए कुछ पुरोहितों को मनाने में सफलता भी मिल गई है। गुरुवार से ध्वस्तीकरण का काम भी शुरू हो गया है। अभी करीब 18 मकानों को तोड़ा जाना बाकी है।
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कुछ साल पहले तक केदारनाथ आने वाले यात्रियों को करीब दो किलोमीटर पहले से ही मंदिर के दर्शन हो जाया करते थे। पर बाद में मंदिर के इर्द-गिर्द तीन मंजिला भवन भी बन गए थे। इससे मंदिर दूर से नजर नहीं आता था।
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जून 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में इस बात का खास ख्याल रखने की बात कही गई थी कि अब श्रद्धालुओं को मंदिर दूर से ही साफ दिखाई दे जाए। लेकिन पिछले डेढ़ साल से इस पर गतिरोध बना हुआ था क्योंकि इसके आड़े धाम में पुरोहितों के भवन आड़े आ रहे थे।

पांच भवन स्वामियों ने मकान तोड़ने पर दी सहमति

kedarnath dham news update.

सरकार की ओर से कई बार कोशिश हुई पर इन दो दर्जन मकानों को तोड़ने के लिए पुरोहित तैयार नहीं थे। इनका कहना था कि मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। पुरोहितों को स्वीकृति दे दी जाए तो वे इन भवनों की मरम्मत कर सकते हैं।

इसके लिए सरकार तैयार नहीं हुई। कैबिनेट ने हाल में पुरोहितों को जमीन का तीन गुना मुआवजा देने और नया मकान बनाकर देने का भी फैसला किया। अब यह बर्फ थोड़ी पिघली है। निम सूत्रों के मुताबिक पांच भवन स्वामियों ने मकान तोड़ने पर सहमति दे दी है।

ये पांच मकान वे हैं जो मंदिर के पास बने हुए थे और देवदर्शन स्थल से मंदिर दर्शन में बाधा बने हुए थे। भवन स्वामियों ने गुरुवार को क्षतिग्रस्त मकानों के सामान का लेखा-जोखा भी लिया। इसी के साथ ध्वस्तीकरण भी शुरू कर दिया गया है।

निम सूत्रों के मुताबिक बुधवार को निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल, पुरोहितों आदि के बीच में हुई बातचीत में इसकी भूमिका तैयार हो गई थी। माना जा रहा है कि अन्य पुरोहित भी जल्द ही सहमति दे सकते हैं।

नाबार्ड से मुख्यमंत्री रावत ने मांगा सहयोग
अगर योजना परवान चढ़ी तो चार धाम यात्रा मार्ग पर बाजार भी गुलजार होंगे। यात्रा मार्ग पर छोटे बाजार, स्कूल, अस्पताल बनाने की सरकार की योजना है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने नाबार्ड से सहयोग मांगा है। वहीं नाबार्ड की ओर से भी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है।

गुरुवार को नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सीपी मोहन ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा मार्ग पर छोटे बाजार, स्कूल, अस्पताल आदि बना रही है। इसमें नाबार्ड सहयोगी हो सकता है।

करीब एक हजार लोगों के लिए बिजनेस सेंटर स्थापित करने में भी नाबार्ड सरकार की मदद कर सकता है। रावत ने नाबार्ड को एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने लघु जल विद्युत परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए भी नाबार्ड से सहयोग मांगा।

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