25 अक्टूबर को बंद होंगे बाबा केदारनाथ के कपाट
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द्वादश ज्योतिर्लिंगों में 11 वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट दीपावली के दूसरे दिन भैया दूज को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इस बार यह तिथि 25 अक्तूबर को है। वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 21 नंवबर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 30 अक्तूबर को बंद होंगे।
पूर्व परंपरानुसार, विजयदशमी के पर्व पर केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट बंद होने और चल विग्रह उत्सव डोलियों के प्रस्थान करने की तिथियां और मुहूर्त पंचाग देखकर निकाले गए। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में केदारनाथ और मद्महेश्वर तथा तुंगनाथ मंदिर मक्कू में तुंगनाथ मंदिर के पट बंद होने की तिथियों की औपचारिक घोषणा की गई।
ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आचार्य हर्ष जमलोकी, सतेश्वर सेमवाल, यशोधर मैठाणी एवं बच्चीराम सेमवाल द्वारा ओंकारेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी राजशेखर लिंग की उपस्थिति में पंचांग की गणना के अनुसार तिथि निर्धारित की गई।
भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट 25 अक्तूबर सुबह सवा आठ बजे तुला लग्न में बंद होंगे। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 21 नवंबर को सुबह आठ बजे वृश्चिक लग्न में शीतकाल के लिए बंद होंगे।
भगवान तुंगनाथ की कपाट बंद होने की गणना मक्कू मठ में माहेश्वर मैठाणी, विजयभारत, उमादत्त मैठाणी तथा मठापति रामेश्वर प्रसाद मैठाणी ने पंचांग गणना के अनुसार निकाली। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट 30 अक्तूबर को सुबह आठ बजे तुला लग्न में बंद होंगे।
ऊखीमठ आएगी केदारबाबा की डोली
केदारनाथ डोली आगमन का कार्यक्रम।
25 अक्तूबर: सुबह सवा आठ बजे तुला लग्न में कपाट बंद होंगे। इसी दिन डोली प्रस्थान कर रात्रि प्रवास रामपुर में करेगी।
26 अक्तूबर: रामपुर से गुप्तकाशी।
27 अक्तूबर: गुप्तकाशी से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान। शीतकाल के छह माह यहीं होगी भोले बाबा की पूजा।
द्वितीय केदार की डोली आगमन का कार्यक्रम
21 नवंबर: सुबह आठ बजे वृश्चिक लग्न में कपाट होंगे बंद। इस दिन रात्रि प्रवास गौंडार गांव में होगा।
22 नवंबर: गौंडार से रांसी।
23 नवंबर: रांसी से गिरिया।
24 नवंबर: गिरिया से शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में आगमन।
तृतीय केदार की डोली आगमन का कार्यक्रम
30 अक्तूबर: सुबह आठ बजे तुला लग्न में मंदिर के कपाट बंद होंगे। बाबा की डोली रात्रि विश्राम के लिए चोपता पहुंचेगी।
31 अक्तूबर: चोपता से भनकुन।
01 नवंबर: भनकुन से शीतकालीन पूजा गद्दीस्थल मक्कू मंदिर मक्कूमठ में आगमन।