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यहां हेलीकॉप्टर की उड़ान से पशुओं के साथ इंसान भी परेशान
विनय बहुगुणा/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:55 PM IST
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केदारघाटी वन्य जीव विहार के संरक्षित क्षेत्र में बिना एनओसी उड़ानें भर रहे हेलीकॉप्टरों के शोर से वन्य जीव ही नहीं, स्थानीय लोग भी परेशान हैं।
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लोगों का कहना है कि शोर से बच्चों, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं को तकलीफ होती है। छोटे बच्चे, वृद्ध और बीमार दिन में सो नहीं पाते। हेलीकॉप्टर की आवाज से उन्हें परेशानी होती है। इस शोर से गर्भवती महिलाओं का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। गर्भ धारण के शुरुआत के तीन महीनों और अंतिम आठवें और नवें महीने में दिक्कत अधिक होती है।
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हेलीकॉप्टर सेवा सहायक नोडल अधिकारी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 30 अप्रैल से 26 जुलाई के बीच हेलीकॉप्टरों ने 10708 उड़ानें भरी हैं। इसी बीच खराब मौसम के कारण 10 दिन हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाए। प्रतिदिन औसत उड़ान का आंकड़ा लगभग 123 उड़ान प्रतिदिन का निकलता है।
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ऐसी स्थिति में ग्रामीण चंद्र सिंह राणा बताते हैं कि दिन में छोटे बच्चों का सोना मुश्किल हो गया। ऊखीमठ के ज्येष्ठ प्रमुख विष्णुकांत शुक्ला, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश बगवाड़ी का कहना है कि शोर से सबसे अधिक परेशानी वृद्ध, बीमार और छोटे बच्चों को है।
क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं भी इससे तकलीफ में हैं। जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शालिनी डिमरी का कहना है कि तेज आवाज से गर्भवती महिला को शारीरिक और मानसिक समस्या हो सकती है। तेज आवाज से गर्भवती का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।
साथ ही पालतू पशुओं पर भी असर पड़ रहा है। जीबी पंत संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. आरके मैखुरी ने बताया कि वर्ष 2012 में एक शोध किया था। इस अध्ययन में हेलीकॉप्टरों के शोर के कारण पालतू पशुओं के व्यवहार में परिवर्तन पाया गया। कुछ लोगों ने पशुओं का दूध होने की शिकायत की थी।
ध्वनि प्रदूषण का मानक पार
केदारघाटी संरक्षित क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की उड़ानों का शोर 70 डेसीबिल का मानक पार कर जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक इससे लोगों की सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। वन विभाग ने वर्ष 2013-2014 में ध्वनि की माप की थी।
गौरीकुंड में ध्वनि का माप अधिकतम 81.2 डेसीबल, जंगलचट्टी में 82.4, रामबाड़ा में 87.7, गरुड़चट्टी में 86.7, केदारनाथ (एमआई-26 हेलीपैड और मंदिर के पीछे वाला हेलीपैड) क्षेत्र में 96.2 डेसीबिल पाई गई।