पिथौरागढ: दोनों देशों के राष्ट्रगान के बाद शुरू हुआ भारत-कजाकिस्तान का संयुक्त सैन्य अभ्यास
- 3 से 14 अक्टूबर तक सेना के मैत्री मैदान में चलेगा भारत-कजाकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास।
- बिग्रेडियर एसके मंडल (सेना मेडल), कमांडर 111 इंडिपेंडेंट इंफ्रेट्री बिग्रेड संयुक्त युद्धाभ्यास का करेंगे शुभारंभ ।
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भारत-कजाकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास काजिंद-2019 बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ सेना ब्रिगेड में शुरू हो गया है। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के 60-60 सैनिकों की टुकड़ी हिस्सा ले रहीं हैं। इसमें सैन्य आपरेशनों और आतंकवाद विरोधी जवाबी कारवाई के अनुभवों को जवान एक-दूसरे से साझा करेंगे। सैन्य अभ्यास 14 दिनों तक चलेगा
बृहस्पतिवार को सेना के मैत्री मैदान में सबसे पहले दोनों देशों के जवानों की टुकड़ियों ने परेड में हिस्सा लिया। ब्रिगेडियर एसके मंडल (सेना मैडल) ने परेड की सलामी ली। भारतीय सेना की परेड का नेतृत्व टू राजपूत के सीओ कर्नल एके बहेरा और कजाकिस्तानन की परेड का नेतृत्व कैप्टन नईम ने किया।
दोनों देशों के राष्ट्रीय गान के बाद ब्रिगेडियर ने सैनिकों को संबोधित किया। उन्होंने कजाकिस्तान के अधिकारियों और सैनिकों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के जवान अपनी-अपनी युद्ध कला का आदान-प्रदान करेंगे।
हथियार और उपकरणों का किया प्रदर्शन
इसके बाद ब्रिगेडियर के भाषण को ट्रांसलेट कर कजाकिस्तान की भाषा में पढ़ा गया। चौदह दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में कजाकिस्तान की ओर से 14 अधिकारी, 46 जवान जबकि भारतीय सेना के 13 अधिकारी और 47 जवान प्रतिभाग कर रहे हैं। संयुक्त अभ्यास का समापन 15 अक्तूबर को होगा।
संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान पहले दिन शाम को सेना में अत्याधुनिक हथियार और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों को हथियारों के प्रयोग की जानकारी दी गई। युद्ध के दौरान उपयोग में आने वाले तमाम उपकरणों की विशेषता भी इस दौरान बताई गई।
अभ्यास के दौरान सैनिकों को पहाड़ी में रॉक क्लाइंबिंग, विस्फोटकों को डिफ्यूज करना और आतंकियों से निपटने की तरकीब का अलग-अलग स्थलों में अभ्यास कराया जाएगा। सैन्य अभ्यास में शामिल दोनों देशों के जवानों में विशेष उत्साह देखा गया।