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Dehradun News: पछवादून की सिंचाई लाइफलाइन कल से 20 दिन के लिए रहेगी बंद
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Iनहरों की मरम्मत कार्य के लिए लिया गया निर्णय, क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा पानीI
पछवादून क्षेत्र की सिंचाई लाइफलाइन कटापत्थर नहर प्रणाली 20 दिनों के लिए बंद रहेगी। नहरों की मरम्मत कार्य के लिए सिंचाई विभाग ने यह आदेश जारी किया है। नहर बंदी के दौरान खेतों में खाद डालने पर किसानों को सिंचाई की जरूरत होगी। ऐसे में कई किसानों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है।
पछवादून क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती होती है। इन दिनों गेहूं, जौं, सरसों, चना, मटर की फसल खड़ी है। वहीं, गन्ना, प्याज, लहसुन, धनिया, राई, मूली, फूल गोभी, पत्ता गोभी और आलू की फसल भी तैयार हो रही है। किसानों को वर्ष 1840 में निर्मित कटापत्थर नहर प्रणाली से जुड़ी कटापत्थर, पृथ्वीपुर, ढकरानी, टी कट, फतेहपुर, रामबाग, लक्खनवाला, जामनखाता नहर के माध्यम से खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाता है। नहर की लंबाई करीब 26 किलोमीटर है। नहर बंदी के समय किसानों के लिए खेतों में सिंचाई का संकट पैदा हो जाता है।
इस बार बारिश के बाद सिंचाई विभाग ने नहर बंदी का आदेश जारी किया है। पांच से 25 फरवरी तक नहरों की मरम्मत होनी है। किसान गुलफाम अहमद, सुभाष, ईलम, जहीर, विक्की, धर्म पाल, प्रकाश, तेजपाल, तेज सिंह ने बताया, बारिश से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अभी गेंहू, गन्ना, सरसों और राजमा की फसलों में खाद डाली जाएगी। इसके बाद सिंचाई की जरूरत होगी। कहा कि विभाग को नहर को 10 दिन के लिए ही बंद रखना चाहिए। इतना समय मरम्मत कार्य के लिए पर्याप्त है। अगर 20 दिनों तक नहर बंद रहती है तो किसानों के लिए सिंचाई का संकट पैदा हो जाएगा। फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसान नहर बंदी को लेकर सिंचाई विभाग के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाएंगे।
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Iपछवादून क्षेत्र में खेती पूरी तरह से सिंचाई पर निर्भर है। फसलों में खाद डालने के बाद सिंचाई बहुत जरूर होती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
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Iडॉ. अशोक कुमार शर्मा, प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी
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Iमरम्मत कार्य के लिए कटापत्थर नहर को 20 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। पछवादून क्षेत्र में अभी बारिश हो रही है। रबी की फसलों को पर्याप्त पानी भी मिल रहा है। नहरों के मरम्मत कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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Iआरएस गुंसाईं, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग खंड कटापत्थरI
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पछवादून क्षेत्र की सिंचाई लाइफलाइन कटापत्थर नहर प्रणाली 20 दिनों के लिए बंद रहेगी। नहरों की मरम्मत कार्य के लिए सिंचाई विभाग ने यह आदेश जारी किया है। नहर बंदी के दौरान खेतों में खाद डालने पर किसानों को सिंचाई की जरूरत होगी। ऐसे में कई किसानों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है।
पछवादून क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खेती होती है। इन दिनों गेहूं, जौं, सरसों, चना, मटर की फसल खड़ी है। वहीं, गन्ना, प्याज, लहसुन, धनिया, राई, मूली, फूल गोभी, पत्ता गोभी और आलू की फसल भी तैयार हो रही है। किसानों को वर्ष 1840 में निर्मित कटापत्थर नहर प्रणाली से जुड़ी कटापत्थर, पृथ्वीपुर, ढकरानी, टी कट, फतेहपुर, रामबाग, लक्खनवाला, जामनखाता नहर के माध्यम से खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया जाता है। नहर की लंबाई करीब 26 किलोमीटर है। नहर बंदी के समय किसानों के लिए खेतों में सिंचाई का संकट पैदा हो जाता है।
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इस बार बारिश के बाद सिंचाई विभाग ने नहर बंदी का आदेश जारी किया है। पांच से 25 फरवरी तक नहरों की मरम्मत होनी है। किसान गुलफाम अहमद, सुभाष, ईलम, जहीर, विक्की, धर्म पाल, प्रकाश, तेजपाल, तेज सिंह ने बताया, बारिश से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अभी गेंहू, गन्ना, सरसों और राजमा की फसलों में खाद डाली जाएगी। इसके बाद सिंचाई की जरूरत होगी। कहा कि विभाग को नहर को 10 दिन के लिए ही बंद रखना चाहिए। इतना समय मरम्मत कार्य के लिए पर्याप्त है। अगर 20 दिनों तक नहर बंद रहती है तो किसानों के लिए सिंचाई का संकट पैदा हो जाएगा। फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसान नहर बंदी को लेकर सिंचाई विभाग के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाएंगे।
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Iपछवादून क्षेत्र में खेती पूरी तरह से सिंचाई पर निर्भर है। फसलों में खाद डालने के बाद सिंचाई बहुत जरूर होती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
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Iडॉ. अशोक कुमार शर्मा, प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी
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Iमरम्मत कार्य के लिए कटापत्थर नहर को 20 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। पछवादून क्षेत्र में अभी बारिश हो रही है। रबी की फसलों को पर्याप्त पानी भी मिल रहा है। नहरों के मरम्मत कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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Iआरएस गुंसाईं, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग खंड कटापत्थरI