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करवाचौथ के सजावटी सामान से सजा बाजार

Thu, 09 Oct 2014 02:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 09 Oct 2014 02:28 PM IST
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karwa chauth fast.

महिलाओं का फेवरेट करवाचौथ 11 अक्तूबर को है। इसके लिए दून के बाजार आकर्षक छलनी और करवों से सज चुके हैं।

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महिलाओं ने भी बाजार की रौनक बढ़ानी शुरू कर दी है। गोटे लगी छलनी और नग लगे खूबसूरत करवों की अच्छी डिमांड है। सजावटी करवे, छलनी, थाली और रोली का सेट भी उपलब्ध है।

ये है कीमत

सुनहरे प्रिंट के करवे- 40-80 रुपए
वेलवेट जड़े करवे- 280-320 रुपए
डिजाइनर करवे-थाली का सेट- 600 रुपए
गोटे वाली छलनी- 120 रुपए
पीतल का डिजाइनर करवा- 400 रुपए
मीनाकारी वर्क में पूरा सेट- 600 रुपए
डिजाइनर थाली- 200-600 रुपए तक

ब्यूटी पार्लरों में ऑफर की भरमार

करवाचौथ के लिए बाजार सज गया है। सजने के लिए महिलाओं ने फेशियल, वैक्स आदि कराना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही करवाचौथ के दिन सजने के लिए भी बुकिंग हो चुकी है। पार्लरों में भी लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं।
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त्यागी रोड पर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली राखी मलिक ने बताया कि फेशियल के साथ मेनीक्योर तो मसाज के साथ पेडीक्योर जैसे ऑफर करवाचौथ के लिए रखे गए हैं।

बताया कि मेहंदी की बुकिंग एक दिन पहले के लिए महिलाओं ने कराई है। करवाचौथ पर अधिकतर महिलाएं अब पार्लर में ही सजना पसंद करती है।

देखादेखी करवाचौथ का क्रेज
करवाचौथ का व्रत महिलाओं का पसंदीदा पर्व बनता जा रहा है। देखादेखी महिलाओं में इसका क्रेज बढ़ता जा रहा है। कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने शादी के पांच और कई ऐसी हैं जो 10 साल बाद करवाचौथ का व्रत रखना शुरू किया है।
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करवाचौथ का निर्जला व्रत रख सुहागिनें पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। महिलाओं में इस व्रत के लिए इसलिए भी क्रेज दिखता है क्योंकि इसमें उन्हें सजने-संवरने का पूरा मौका मिलता है।

22 साल बाद पहला व्रत
भरतनाट्यम नृत्यांगना वीना अग्रवाल की शादी को 25 साल हो गए। शादी के बाद तीन साल तो उन्होंने करवाचौथ का व्रत किया, लेकिन तबियत खराब रहने की वजह से छोड़ दिया।

बताया कि कई बार मन में इच्छा हुई, लेकिन मैं व्रत नहीं कर पाई। इस बार पड़ोसियों ने पहले ही बोल दिया है कि व्रत रखना होगा। बताया कि इच्छा तो पहले से ही थी लेकिन इस बार किसी के कहने पर ही सही मैं व्रत रख रही हूं।


व्रत का महत्व
करवाचौथ को करक चतुर्थी भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। व्रत रखने के साथ ही शिव परिवार की पूजा की जाती है। आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि वामन पुराण के अनुसार महाभारत काल में द्रोपदी ने पांडवों की जीत के लिए करवाचौथ का व्रत रखा था।

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