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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Kartik Purnima 2020: Ganga Snan Ban in Dehradun District Rivers on 30 November

कार्तिक पूर्णिमा2020: 30 नवंबर को ऋषिकेश में गंगा समेत देहरादून जिले की नदियों में स्नान पर रोक

Fri, 27 Nov 2020 11:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 27 Nov 2020 11:48 PM IST
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Kartik Purnima 2020: Ganga Snan Ban in Dehradun District Rivers on 30 November
- फोटो : फाइल फोटो

30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालु ऋषिकेश स्थित गंगा नदी और जिले की अन्य पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए नदी घाटों पर स्नान और आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है। 

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जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड-19 के चलते नदियों में स्नान पर पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम-1987 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व आईपीसी के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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कार्तिक पूर्णिमा पर दीप दान करने से मिलता है देवताओं का आशीर्वाद 

भगवान विष्णु की आराधना, भक्ति, पूजा, जप, दान के पवित्र माह कार्तिक माह का समापन 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ होगा। इस दिन सूर्योदय से पहले गंगा स्नान का बहुत महत्व है। इस दिन दीपदान करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही विशेष पूजा अर्चना करने से धन, आयु व आरोग्य की प्राप्ति होती है। अपने अंधकार दूर होकर जीवन प्रकाशमान हो जाता है। 

कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हरिद्वार में गंगा स्नान करने वालों का तांता लगा रहता है। लेकिन इस बार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन की ओर से हरिद्वार, ऋषिकेश में गंगा स्नान पर रोक लगाई गई है। ऐसे में मुश्किल की इस घड़ी में आप अपने घर पर रखे गंगाजल को पानी में मिलाकर स्नान कर सकते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा को हिन्दूओं और सिखों के सबसे बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती भी होती है। इसी दिन भगवान शंकर ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव का विधि.विधान से पूजन किया जाता है।

पंडित ज्ञानेंद्र पांडेय ने कहा कि कोरोना काल के दौरान यात्रा करना सुरक्षित नहीं है। ऐसे में घर पर ही रहकर स्नान करना ज्यादा सुरक्षित होगा। स्थिति सामान्य होने के बाद गंगा स्नान किया जा सकता है। बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु गंगा, यमुना, नर्मदा आदि पवित्र नदियों में स्नान करके दान-पुण्य करते हैं।

इसीलिए इस दिन को देव दीवाली भी कहा जाता है। कहा कि इस दिन दीपदान करना बेहद शुभ होता है। वहीं पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया की इस बार कार्तिक पूर्णिमा 29 नवंबर को रात 12 बजकर 49 मिनट से शुरू होगी और 30 नवंबर को दोपहर 3 बजे संपन्न होगी।

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