कार्तिक पूर्णिमा 2019: भरणी नक्षत्र में स्नान, लाखों श्रद्धालु उमड़े, हाईवे हुआ जाम
- लाखों श्रद्धालु लगाएंगे गंगा में डुुबकी, वर्ष का अंतिम स्नान पर्व
- नौ जोन और 32 सेक्टरों में बांटा गया है मेला क्षेत्र
- ज्ञान गोदड़ी प्रकरण को लेकर भी पुलिस तैयार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का स्नान आज है। गंगा में डुबकी लगाने के लिए देश के कईं जगहों से श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचे हैं। यह स्नान वर्ष का अंतिम स्नान पर्व है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा का स्नान मुसल योग और भरणी नक्षत्र में हो रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से हाईवे पर लंबा जाम लग रहा है। शहर के भीतरी चौराहों पर भी ई रिक्शा की वजह से जाम लग रहा है। जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में जुटी है।
कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रमा वर्ष के सबसे तेज प्रकाश से चमकते हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करने से चंद्रमा से हो रही अमृतवृष्टि का लाभ स्नानार्थियों को मिलता है। भरणी नक्षत्र को पूर्णिमा के लिए पवित्र नक्षत्र माना गया है। हर की पैडी आदि गंगा घाटों पर गंगा का यह स्नान तड़के चार बजे से प्रारंभ हो गया।
जहां तक उदयकाल पूर्णिमा का सवाल है, स्नान पूरे दिन होगा। यद्यपि पूर्णिमा तिथि सोमवार की सायंकाल ही लग चुकी है जो आज पूर्णिमा सूर्यास्त के बाद तक बनी रहेगी। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के लिए देश के पर्वतीय भागों, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से खासी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है।
वर्ष के स्नानों का यह सिलसिला इस स्नान के साथ संपन्न हो जाएगा। अब अगला स्नान पर्व नए वर्ष में मकर संक्रांति पर पड़ेगा। सोमवार को ही गुरुनानक देव महाराज का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
बसों के लिए यात्रियाें को घंटों करना पड़ा इंतजार
हालत यह है कि 34 ट्रेनें फरवरी के प्रथम सप्ताह तक के लिए बंद है। जिसमें जनता, मसूरी, उत्तरांचल, काठगोदाम जनशताब्दी, उज्जैन एक्सप्रेस, जम्मूतवी- हरिद्वार एक्सप्रेस, सहारनपुर- देहरादून पैसेंजर, बांद्रा- देहरादून एक्सप्रेस, देहरादून- चंडीगढ़ मदुरै एक्सप्रेस, नजीबाबाद - कोटद्वार मसूरी एक्सप्रेस, हरिद्वार - ऊना हिमाचल जन शताब्दी ट्रेनें बंद हैं।
इससे पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान के जनपद भरतपुर, संवाई माधोपुर, जोधपुर, अलवर, कोटा, गंगानगर, बीकानेर आदि के यात्री परेशान रहे। यात्री पहले तो शहर के अंदर बस अड्डे में पहुंचे, लेकिन वहां पर पहले से ही भारी संख्या में मौजूद यात्री बसों को इंतजार करते मिले। ऋषिकुल के दोनों तिराहे, प्रेमनगर पुल, सिंहद्वार, जटवाड़ा पुल, चंडीपुल आदि स्थानों पर भारी संख्या में लोग बसों का इंतजार करते मिले।
कुछ बसें जाम में फंसी रही तो कई बसें रूट डायवर्ट होने की से बस अड्डे तक नहीं पहुंच सकी। हाईवे से शहर के अंदर भी बसों को अंदर नहीं आने दिया गया। अन्य प्रदेशों की बसों के साथ भी यही स्थिति रही। इससे यात्रियों को बसें मिलने में परेशानी रही। जबकि रोडवेज प्रशासन ने गंगा स्नान के दिन समस्त बसों के संचालन के लिए पूरी कार्ययोजना तैयार की थी।
- प्रतीक जैन, एआरएम, हरिद्वार डिपो
जो छह जोड़ी ट्रेनें चल रही है, उनमें से अधिकांश रात के समय हैं। ट्रेनों से संबंधित सभी जानकारी पूछताछ केंद्र के साथ डिस्प्ले बोर्ड पर जारी कर दी थी। लगातार घोषणाएं भी कराई जाती रहीं।
- एमके सिंह, स्टेशन अधीक्षक
स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस पूरी तरह तैयार
कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अधीनस्थों को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। हर परिस्थिति से निपटने के लिए मेला क्षेत्र को नौ जोन और 32 सेक्टरों में बांटा गया है। साथ ही एसपी सिटी को मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सोमवार को उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र की कमल दास कुटिया में यातायात पुलिस लाइन में एसएसपी सेंथिल अबुदई ने अधीनस्थों के साथ बैठक की। इस दौरान अधीनस्थों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर्व का विशेष महत्व होने के कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर-प्रदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस बार भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। लिहाजा विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। एसएसपी कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था एवं डायवर्जन को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं।
सोमवार की शाम को उस इलाके में बैरिकेडिंग करते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती भी कर दी गई। एसएसपी ने सिखों के हरकी पैड़ी कूच करने को लेकर चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। शहर से सटे देहात क्षेत्रों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बवाल की स्थिति पैदा न होने की हिदायत
एसएसपी ने कहा कि हरकी पैड़ी क्षेत्र के पुलों पर श्रद्धालुओं को बैठने न दिया जाए और सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र में निगाह रखी जाए। कहा कि ध्यान रहे कि आमजन की भावना बिलकुल भी आहत नहीं होनी चाहिए। इस दौरान पुलिस के आला अफसर, एसओ इंस्पेक्टर मौजूद रहे।
इतना फोर्स तैनात
नौ सीओ, 18 एसओ इंस्पेक्टर, 56 पुरुष एसआई, 16 महिला एसआई, 44 हेड कांस्टेबल, 245 पुरुष कांस्टेबल, 55 महिला कांस्टेबल, तीन एसआई यातायात, आठ हेड कांस्टेबल, 48 यातायात कांस्टेबल, तीन टीम जल पुलिस, 14 बम स्क्वॉयड के कर्मचारी, चार कंपनी एवं डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात है।
ज्ञान गोदड़ी को लेकर बनाया अलग जोन
ज्ञान गोदड़ी के मसले को भी विवादित स्थल (भारत स्काउट एवं गाइड कार्यालय) को एक अलग जोन बनाया गया है। सीओ स्तर के अधिकारी को जोन की जिम्मेदारी दी गई है।
भीड़ के आगे कम पड़ गए रोडवेज के संसाधन
एक तो कार्तिक पूर्णिमा के स्नान की पूर्व संध्या, दूसरे कलियर में सालाना उर्स की कुल शरीफ की रस्म। इन दोनों में शरीक होने वाले यात्रियों की इतनी भीड़ उमड़ी कि रोडवेज के संसाधन कम पड़ गए। ऊपर से चौदह ट्रेनों के रद्द होने की वजह से स्थिति कोढ़ में खाज वाली हो गई।
आलम यह रहा कि घंटों इंतजार करने के बाद भी यात्रियों को बस नहीं मिली। मुहैया बसों में क्षमता से अधिक यात्री ढोए गए। कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार पहुंचने के लिए हाइवे पर इस कदर भीड़ उमड़ी कि लंबा जाम लग गया। दिनभर वाहन रेंग-रेंगकर खिसकते नजर आए।
रोडवेज बसों के लिए यात्रियों को सुबह से ही परेशानी झेलनी पड़ी। बसों में सीट लेने के चक्कर में यात्रियों में दिनभर मारामारी की स्थिति बनी रही। सोमवार को कलियर में सालाना उर्स की कुल शरीफ रस्म में शरीक होने के लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से जायरीन पहुंचे थे।
आलम यह था कि डिपो के भीतर बस आते ही यात्री उसके पीछे दौड़ पड़ते थे। सीट के चक्कर में यात्रियों धक्कामुक्की होती रही। देर शाम तक यही स्थिति बनी रही। बस स्टैंड के बाहर यात्रियों की भीड़ को लेकर जाम के हालत भी बन गए।
मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर हरिद्वार पहुंचने के लिए हाई पर वाहनों की भारी भीड़ रही। जिसके चलते दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर वाहनों को रेंग-रेंगकर चलना पड़ा। वहीं पुलिसकर्मी जाम को खुलवाने में मशक्कत करते रहे। वरिष्ट केंद्र प्रभारी रुड़की रोडवेज डिपो विवेक कपूर का कहना है कि दिल्ली में पांच अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया है।
दिल्ली से लगाईं गईं पांच अतिरिक्त बसें
अभी तक दिल्ली के लिए हर रोज 16 बसें संचालित की जा रहीं थीं, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा और कलियर में उर्स की मुख्य रस्म को देखते हुए दिल्ली के लिए पांच अतिरिक्त बसें चलाईं गईं, लेकिन देर शाम तक रोडवेज बस स्टैंड पर जमा भीड़ को देखते हुए वह नाकाफी साबित हुईं।
भगवानपुर में घंटों जाम में फंसे यात्री, पुलिस की मशक्कत
भगवानपुर में निर्माणाधीन हाईवे और कार्तिक पूर्णिमा स्नान के कारण बढ़ी भीड़ से भगवानपुर में घंटों जाम लगा रहा। पुलिसकर्मी घंटों की मशक्कत के बाद जाम को खुलवा सके। इन दिनों छुटमलपुर से लेकर रुड़की के पुहाना तक हाईवे निर्माण का कार्य चल रहा है। सालियर, पुहाना, खानपुर चौक, चुडिय़ाला चौक में चार ओवरब्रिज निर्माणाधीन हैं।
जाम की वजह से राहगीर हलकान होते रहे। लेकिन देर शाम तक जाम से पूरी तरह निजात नहीं मिल सकी। एसआई प्रदीप रावत ने बताया कि जाम की हालत को देखते हुए हाईवे का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में समस्या का हल निकालने पर बात होगी।