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...तो शाह की रैली ने टाला कपिल सिब्बल का आना
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 05 Dec 2016 10:04 AM IST
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amit shah
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उत्तराखंड में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के चलते एक बार फिर कांग्रेस को अपनी सतत विकास संकल्प यात्रा का निर्धारित कार्यक्रम बदलना पड़ा। रविवार सुबह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पूरे जोश के साथ केंद्रीय नेता कपिल सिब्बल के सात दिसंबर को काशीपुर में कार्यक्रम का ऐलान किया।
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शाम तक कांग्रेस ने अपरिहार्य कारण बता कर सिब्बल की रैली एक दिन टाल कर वही कार्यक्रम आठ दिसंबर के लिए जारी किया। माना जा रहा है कि सात दिसंबर को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की हल्द्वानी रैली के चलते कांग्रेस ने मजबूरी में सिब्बल का कार्यक्रम बदला है।
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भाजपा के केंद्रीय नेताओं के प्रदेश में लगे जमावड़े से तिलमिलाई कांग्रेस भी अब सीनियर लीडरशिप को चुनावी समर में उतारने जा रही है। कांग्रेस केंद्रीय लीडरशिप के अभी तक राज्य में पार्टी प्रचार अभियान का हिस्सा नहीं बनने पर विपक्ष सवाल उठाता रहा है। ऐसे में सेंट्रल लीडरशिप का कार्यक्रम तय होते ही प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता बुलाई।
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उपाध्याय ने कहा कि संकल्प यात्राओं के क्रम में कुमाऊं मंडल के काशीपुर में 7 दिसंबर को विशाल जनसभा होगी, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल भी शामिल होंगे। सिब्बल का राज्य में राष्ट्रपति शासन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में अहम रोल रहा है। विकास संकल्प यात्राओं में उमड़ रहे विशाल जन सैलाब से साफ है कि 2017 में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बना रही है, जबकि भाजपा की परिवर्तन यात्रा में पूरी तरह से फ्लॉप है।
शाम होते होते किशोर के भरे दम की सांस फूलने लगी और कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अपरिहार्य कारणों से सात को काशीपुर में होने वाला कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। अब रैली सात दिसंबर की जगह आठ दिसंबर को होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले देहरादून में भी अमित शाह की रैली के चलते कांग्रेस अपना कार्यक्रम टाल चुकी है। इस संबंध में किशोर उपाध्याय से संपर्क साधने पर उन्होंने बताया कि भाजपा के कार्यक्रम के साथ उनकी रैली हो रही थी, जिसके चलते कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। हमारी रैली सिर्फ एक दिन के लिए टली है।
विरोध शांत करने को समितियों का बढ़ेगा आकार
प्रदेश चुनाव समिति तथा चुनाव घोषणा पत्र समितियों में शामिल नामों से कई कांग्रेस नेता नाराज हो गए हैं। विरोध का सुर उठने से पहले अब कांग्रेस प्रदेश संगठन सियासी आपदा प्रबंधन में जुट गया है। रविवार को प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश चुनाव समिति तथा चुनाव घोषणा पत्र समिति में कुछ नाम छूट गये है, जिनको जल्द ही शामिल कर संशोधित सूची जारी कर दी जायेगी।
इसके लिए आला कमान ने उनको अनुमति दे दी है। उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश में छोटी प्रशासनिक इकाईयों का गठन हमारे घोषणा पत्र का महत्वपूर्ण बिंदु था इस विषय पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शीघ्र कार्यवाही के लिए अनुरोध किया जाएगा। प्रदेश घोषणा पत्र समिति जनपद स्तर पर बैठकें आयोजित कर जनभावनाओं अनुरूप विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र तैयार करेंगे।
पीएम से इस्तीफा मांग रहे किशोर
उपाध्याय ने पीएम मोदी के बिना पूर्ण तैयारियों के नोटबंदी जैसे निर्णय को तुगलकी बताते हुए कहा कि गुजरात के एक व्यवसायी के पास लगभग 14 हजार करोड़ रु कालाधन मिलना गुजरात सरकार की नाकामी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री लगभग 15 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे है। उन्होंने गुजरात सरकार के साथ प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।