हरिद्वारः इन वजहों से गिनीज बुक में दर्ज होगा कांवड़ियों का नाम !
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हरिद्वार में आयोजित होने वाली श्रावण मास की कांवड़ यात्रा दो वर्ष पहले ही देश की सबसे बड़ी यात्रा की श्रेणी में शामिल हो चुकी है। उम्मीद है कि इस बार पिछले वर्ष का रिकॉर्ड भी टूट जाएगा। कई स्तरों पर श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कराने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल श्रावण कृष्ण पक्ष के 15 दिनों में गंगाजल भरने आए कांवड़ियों की संख्या 2.65 करोड़ आंकी गई। इससे पहले वर्ष यह आंकड़ा 1.95 करोड़ दर्ज किया गया था। अनुमान है कि इस बार डाक कांवड़ियों की संख्या अधिक रहेगी और आंकड़ा तीन करोड़ कांवड़ियों के आसपास पहुंच जाएगा।
ऐसा अनुमान न केवल उत्तराखंड प्रशासन लगा रहा है, बल्कि प्रदेश का पर्यटन विभाग भी कांवड़ मेले को गिनीज बुक में शामिल कराना चाहता है। इसमें विहिप और गंगा सभा भी सहयोग दे रहे हैं। मालूम हो कि इस यात्रा के बाद बैजनाथ धाम की कांवड़ यात्रा का स्थान आता है।
वर्ष 1990 में श्रावण मास के कांवड़ मेले में 20 लाख कांवड़िये जल भरने आए थे। यह संख्या वर्ष 1991 में एकाएक 40 लाख और 1992 में 60 लाख हो गई। तब से 15 दिनों के कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
पिछले कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आठ करोड़ आंकी गई थी। यह संख्या अलबत्ता चार महीनों के मेला काल की थी। कांवड़ियों की भीड़ का महत्व इसलिए है कि यह यात्रा केवल 15 दिन ही चलकर तूफान मचा देती है।
कांवड़ मेले की भीड़ गिनीज बुक में दर्ज होनी चाहिए। देश के किसी भी मेले में इतने कम दिनों में करोड़ों की भीड़ नहीं आती। पर्यटन विभाग इसके लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
- वाईके गंगवार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
श्रावण के कांवड़ मेले को विश्व के सबसे बड़े मेले का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे। तब सफलता नहीं मिल पाई थी। अब ऐसे किसी भी प्रयास को पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाएगा।
- मदन कौशिक, विधायक हरिद्वार एवं पूर्व पर्यटन मंत्री
चार धाम यात्रा को बहुत पीछे छोड़ा
उत्तराखंड के चारधाम और हेमकुंड साहब जाने के लिए मई से नवंबर तक यात्रा चलती है। 15 दिन के कांवड़ मेले ने चार धाम जाने वाले यात्रियों की संख्या को बहुत पीछे छोड़ दिया है।
वर्ष - चार धाम जाने वालों की संख्या
2011 - 30,65,726
2012 - 27,77,740
2013 - 13,62,561
2014 - 3,19,430
2015 आज तक - 6,34,580
ऐसे बढ़ी भीड़
वर्ष - संख्या
1990 - 20 लाख
1991 - 40 लाख
1995 - 60 लाख
2000 - 80 लाख
2010 - 1 करोड़ 20 लाख
2011 - 1 करोड़ 50 लाख
2012 - 1 करोड़ 75 लाख
2014 - 2 करोड़ 65 लाख
श्रावण में देश की अन्य बड़ी यात्राएं
- वैद्यनाथ धाम कांवड़ यात्रा
- गुप्त नवरात्र में नैनादेवी, चिंतपूर्णी यात्रा
- जोधपुर की नगर परिक्रमा
- गोवर्धन पर्वत परिक्रमा
- अमरनाथ यात्रा
- 84 कोसी बृज परिक्रमा यात्रा
- मुलतान जोत यात्रा
- दरियाजोत यात्रा
- रामेश्वरम जल कलश यात्रा
- पुरी रथ यात्रा