कांवड यात्रा 2020: 10 जोन और 21 सेक्टर में बंटा हरिद्वार, हरकी पैड़ी पर तीसरी आंख से रखी जा रही नजर
- कांवड़ यात्रा रद्द होने के बाद भी पुलिस बरत रही सतर्कता
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उत्तराखंड सरकार की तरफ से कांवड़ यात्रा रद्द करने के बाद भी पुलिस प्रशासन सुरक्षा के लिहाज से कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं। हरिद्वार पुलिस ने हर बार की तरह इस बार भी कांवड़ मेले की जैसी तैयारी की हुई है। मेला क्षेत्र को दस जोन और 21 सेक्टर में विभाजित करते हुए राउंड द क्लॉक पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। बाकायदा गैर जिलों से भी पुलिस फोर्स को ड्यूटी के लिए बुलाया गया है।
कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा रद्द कर दी थी। यात्रा रद्द होने के बाद भी उत्तराखंड के अलावा यूपी और हरियाणा के अधिकारियों को इस बात की आशंका थी कि यात्री जबरन आ सकते हैं। इनको रोकने के लिए योजना बनाई गई। पहले चरण में कांवड़ियों को जागरूक किया गया। अलग अलग माध्यमों से बाहरी प्रदेशों में प्रचार प्रसार किया गया। इसके बाद भी अधिकारियों को आशंका है कि बाहरी प्रदेशों के कांवड़िए यहां आ सकते हैं। इसलिए पुलिस ने अब कांवड़ियों को रोकने को पूरी ताकत लगा दी है।
मेला क्षेत्र में एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है। देहरादून विजिलेंस, सीबीसीआईडी से लेकर कुंभ मेला में तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पुलिस कर्मियों को जोन और सेक्टरों में तैनात कर दिया गया है। हर बार की तरह इस बार भी नगर पुलिस अधीक्षक को ही नोडल अफसर बनाया गया है।
पुलिस ने यह व्यवस्था इसलिए की है कि यदि कांवड़िए पहुंचते है तो उनसे कैसे निपटा जाएगा। हरकी पैड़ी पर सख्ती बरती ही जा रही है। यही नहीं पार्किंगों पर भी पुलिस का पूरा फोकस है। रात्रि गश्त में यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि गैर प्रदेशों के नंबरों के वाहन तो सड़क किनारे पार्क तो नहीं हो रहे हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय की माने तो पुलिस पूरी तरह से चौकसी बरत रही है। कांवड़ियों को रोकने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है। एलआईयू की भी मदद ले रहे हैं कि कहंी कोई धर्मशाला, होटल और लॉज संचालक कांवड़ यात्रा के मकसद से आ रहे किसी यात्री को कमरा तो नहीं उपलब्ध करा रहे हैं।
तीसरी आंख से हरकी पैड़ी पर नजर
कांवड़ यात्रा रद्द करने के बाद हरकी पैड़ी पर तीसरी आंख से निगेहबानी की जा रही है। गंगा घाट पर मौजूद यात्रियों से भी लगातार पूछताछ हो रही है। अस्थि विसर्जन को आ रहे यात्रियों को भी पूछताछ के बाद ही गंगा घाटों पर जाने दिया जा रहा है।
कोरोना महामारी को देखते हुए उत्तर भारत के बड़े मेलों में शुमार कांवड़ मेला इस साल रद्द हो चुका है। सावन के महीने में कावंड़िये यहां न आएं इसके लिए जिले की सीमाएं सील करने के साथ साथ हरकी पैड़ी पर इंतजाम चाक चौबंद कर दिए गए हैं। हरकी पैड़ी पर अस्थि विसर्जन करने के लिए गैर प्रदेशों के आमजन को आने की अनुमति दी जा रही है। हरकी पैड़ी पर हर समय सीसीआर टॉवर से नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गंगा घाट का नजारा देखा जा रहा है। जहां भी यात्री दिख रहे हैं तुरंत ही ड्यूटी पर तैनात फोर्स को पूछताछ के लिए भेजा जा रहा है, यदि वे अस्थि विसर्जन करने आए है तब ठीक है वरना हिदायत दी जा रही है। नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह की माने तो सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे क्षेत्र में नजर रखे हुए है। कांवड़ यात्रा के मकसद से यदि कोई आता है तो उसे 14 दिन का क्वारंटीन कर दिया जाएगा।
कांवड़ का सामान नहीं रखेंगे व्यापारी
उत्तरी हरिद्वार के व्यापारियों कांवड़ का सामान नहीं रखने का फैसला लिया है। व्यापारियों का कहना है कि यात्रा रद्द होने पर पुलिस को पूरा सहयोग किया जाएगा। मंगलवार को खड़खड़ी पुलिस चौकी में पुलिस और व्यापारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया।
प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवकुमार कश्यप ने कहा कि पहली बार कांवड़ यात्रा रद्द हुई है। इसमें व्यापारी पूरा सहयोग करेंगे। कोई भी दुकानदार कांवड़ का किसी प्रकार का सामान नहीं रखेंगे। महानगर अध्यक्ष मयंक मूर्ति भट्ट ने कहा कि व्यापारियों ने हमेशा पुलिस प्रशासन का सहयोग किया है। चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने बताया कि दुकानें रात्रि 8 बजे तक और रेस्टोरेंट 9 बजे तक खुलेंगे। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।
इस मौके पर अजय अरोड़ा, शेखर गोस्वामी, अजय गिरि, सुनील गुप्ता, राजेंद्र गिरि, सतीश कश्यप, शांति स्वरूप पांडेय, मनीष जैन, राजीव गुप्ता, शिवम, विरला कोरी, राहुल अग्रवाल, दीपक सहगल, विवेक गर्ग, पारस जैन, प्रवेश गर्ग आदि शामिल हुए।