कांवड़ यात्रा: हाईवे पर एक साथ कांवड़ियों की पांच बाइकों में लगी आग, कूदकर बचाई जान
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हरिद्वार में भारी भीड़ के बीच राजमार्ग पर एक होटल के ठीक सामने एक एक कर कांवड़ियों के पांच दोपहिया वाहन जलकर स्वाहा हो गए। आग लगने से मौके पर अफरातफरी मच गई। कांवड़ियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि इस दौरान भगदड़ मचने से कोई बड़ा हादसा घटित नहीं हुआ।
घटना सोमवार दोपहर की है। जाहन्वी डेल होटल के ठीक सामने नजफगढ़ दिल्ली के कांवड़ियों की बुलेट ने आग पकड़ ली। आग लगने का पता चलते ही वह तुरंत कूदकर नीचे उतर गए। इसी बीच पीछे आ रही चार अन्य बाइकें भी धूं-धूं कर जल उठी।
राजमार्ग पर एक साथ पांच दोपहिया वाहन में आग लगने से अफरातफरी का माहौल बन गया। कांवड़िए इधर-उधर दौड़ने लग गए। पुलिस ने पहुंचकर व्यवस्था को संभालते हुए कांवड़ियों को जल रही बाइकों से दूर किया।
कुछ लोगों ने पानी डालकर बाइकों में लगी आग को बुझाना चाहा, लेकिन आग तब तक विकराल रूप ले चुकी थी। मिनटों में देखते ही देखते बाइकें जलकर स्वाहा हो गई। इधर, मोटरसाइकिलों को छोड़कर कांवड़िए भी चले गए। कनखल पुलिस का कहना है कि बाइकों के जलने की उनके पास कोई सूचना नहीं है।
डाक कांवड़ के वाहन ने कुचलकर दो कांवड़ियों की मौत
हरिद्वार के धनौरी क्षेत्र में रविवार देर रात को डाक कांवड़ के वाहन से कुचलकर बाइक सवार दो कांवड़ यात्रियों की मौत हो गई। जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद डाक कांवड़ यात्री वाहन समेत फरार हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मृतकों की शिनाख्त अरुण (30) पुत्र प्रेम सिंह निवासी ग्राम हरिपुर टोंगिया और नीरज (23) पुत्र ध्यान सिंह निवासी ग्राम हजारा टोगियां थाना सिडकुल हरिद्वार के रूप में हुई है। जबकि घायल सोपिंद्र पुत्र प्रेम सिंह और संजीत पुत्र धर्मपाल निवासी टोंगिया गांव सिडकुल हरिद्वार को अस्पताल में भर्ती कराया।
वाहन की टक्कर से दिल्ली के कांवड़िए की मौत
मंगलौर में कांवड़ वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार कावड़िए की मौत हो गई है। वह अपने भाई के साथ बाइक से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुबह नीरज शर्मा (38) पुत्र रामपाल निवासी नांगलोई, नई दिल्ली अपने भाई आलोक शर्मा के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर बाइक से दिल्ली की ओर जा रहे थे। नारसन बार्डर के समीप पीछे से आ रहे कावड़ वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जा रही थी कि लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान का कहना है कि अज्ञात वाहन की चपेट में आने से कांवड़िए की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मिरगी का दौरा पड़ने से कांवड़िए की मौत
श्यामपुर में हाईवे पर तिरछे पुल के पास एक कांवड़िए की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मिरगी का दौरा पड़ने से मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उधर, गैंडीखाता रवासन पुल के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है।
सोमवार की दोपहर स्थानीय पुलिस को सूचना मिली की कांगड़ी गांव तिरछे पुल के पास एक कांवड़िया अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना पर चंडी घाट चौकी प्रभारी विजय सैलानी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कांवड़िए की मौत हो चुकी थी। पुलिस की पड़ताल में मृतक की पहचान सत्यवीर 50 पुत्र रामकरन निवासी नंगली थाना बिजनौर यूपी के रूप में हुई। सामने आया कि मृतक को दौरे पड़ते थे।
पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में भेजा है। वहीं दूसरी ओर गैंडीखाता के रवासन पुल के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार शरीर पर किसी तरह का निशान नहीं है। एसओ दीपक कठैत ने बताया कि कांवड़िए के परिजनों को सूचना दे दी गई है और रवासन नदी के पुल के नीचे जो शव मिला है वह प्रथम दृष्टया फक्कड़ साधु का प्रतीत हो रहा है।