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Dehradun News: हवा में उड़े दावे, गड्ढा मुक्त नहीं हुई जौनसार की जीवनरेखा
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I42 किमी लंबी सड़क बहदाल, कई जगहों पर सुरक्षा दीवारें धराशायीI
जौनसार बावर की जीवनरेखा कहा जाने वाला कालसी-चकराता मोटर मार्ग बदहाल स्थिति में है। बरसात बीतने के बाद भी क्षतिग्रस्त हिस्सों की सुध किसी ने नहीं ली है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। प्रदेशभर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन जनजातीय क्षेत्र की इस प्रमुख सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। सरकार के दावे हवा में उड़ रहे हैं। जड़वाला के निकट सड़क उबड़-खाबड़ है। 42 किमी लंबी इस सड़क पर कई जगहों पर सुरक्षा दीवारें ध्वस्त हो चुकी हैं। पेंटिंग उखड़ गई है। बीच सड़क पर गहरे गड्ढें हैं। सड़क से रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहनों में आवाजाही होती है। बड़ी संख्या में सैलानी पर्यटक स्थल चकराता जाते हैं। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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Iजौनसार क्षेत्र की नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने का यह प्रमुख मार्ग है, लेकिन विभाग इस दिशा में गंभीर नहीं है।
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Iमनोज पंवार, व्यापारी
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Iमुख्य मार्ग के साथ ही संपर्क मार्ग भी बदहाल हैं। जान जोखिम में डालकर सफर करना लोगों की मजबूरी बन गया है।
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Iभीमदत्त वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
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Iसड़क को जौनसार की लाइफलाइन कहा जाता है। अब लाइफलाइन दम तोड़ रही है। कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है।
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Iअर्जुन सिंह तोमर, स्थानीय निवासीI
Iये सड़कें भी नहीं हुई गड्ढामुक्तI
साहिया-क्वानू, साहिया-उदपाल्टा, साहिया-समाल्टा, पानुवा-पाटा, फटेऊ बैंड से माख्टी मोटर मार्ग भी गड्ढामुक्त नहीं हो सके हैं। लोगों को हिचकोले खाकर सफर करना पड़ता है।
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Iभौगोलिक स्थिति को देखते हुए सड़क पर एक साथ कार्य नहीं कराया जा सकता है। बजट की भी कमी है। बजट मिलने पर समय समय पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाती है।
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Iप्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, खंड साहियाI
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जौनसार बावर की जीवनरेखा कहा जाने वाला कालसी-चकराता मोटर मार्ग बदहाल स्थिति में है। बरसात बीतने के बाद भी क्षतिग्रस्त हिस्सों की सुध किसी ने नहीं ली है। लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। प्रदेशभर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन जनजातीय क्षेत्र की इस प्रमुख सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। सरकार के दावे हवा में उड़ रहे हैं। जड़वाला के निकट सड़क उबड़-खाबड़ है। 42 किमी लंबी इस सड़क पर कई जगहों पर सुरक्षा दीवारें ध्वस्त हो चुकी हैं। पेंटिंग उखड़ गई है। बीच सड़क पर गहरे गड्ढें हैं। सड़क से रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहनों में आवाजाही होती है। बड़ी संख्या में सैलानी पर्यटक स्थल चकराता जाते हैं। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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Iजौनसार क्षेत्र की नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने का यह प्रमुख मार्ग है, लेकिन विभाग इस दिशा में गंभीर नहीं है।
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Iमनोज पंवार, व्यापारी
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Iमुख्य मार्ग के साथ ही संपर्क मार्ग भी बदहाल हैं। जान जोखिम में डालकर सफर करना लोगों की मजबूरी बन गया है।
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Iभीमदत्त वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
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Iसड़क को जौनसार की लाइफलाइन कहा जाता है। अब लाइफलाइन दम तोड़ रही है। कई जगहों पर सड़क क्षतिग्रस्त है।
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Iअर्जुन सिंह तोमर, स्थानीय निवासीI
Iये सड़कें भी नहीं हुई गड्ढामुक्तI
साहिया-क्वानू, साहिया-उदपाल्टा, साहिया-समाल्टा, पानुवा-पाटा, फटेऊ बैंड से माख्टी मोटर मार्ग भी गड्ढामुक्त नहीं हो सके हैं। लोगों को हिचकोले खाकर सफर करना पड़ता है।
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Iभौगोलिक स्थिति को देखते हुए सड़क पर एक साथ कार्य नहीं कराया जा सकता है। बजट की भी कमी है। बजट मिलने पर समय समय पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाती है।
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Iप्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, खंड साहियाI