कालापानी विवाद: भारत पर नजर रखने के लिए नेपाल ने छांगरु में बनाई चेकपोस्ट, जवानों को किया तैनात
- नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवान छांगरु में तैनात
- कालापानी पर नजर रखने के लिए छांगरु में बनाई बॉर्डर आउट पोस्ट
विस्तार
कालापानी विवाद के मद्देनजर नेपाल सरकार ने कालापानी में भारत की गतिविधियों को देखने के लिए स्थायी तौर पर जवानों की तैनाती कर दी है। नेपाल सशस्त्र प्रहरी और नेपाल प्रहरी के 34 जवान छांगरु पहुंच गए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 मई को घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क का ऑनलाइन उद्घाटन किया था। इसके बाद से ही नेपाल में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इसे देखते हुए नेपाल सरकार ने छांगरु में बॉर्डर आउट पोस्ट बना दिया है। नेपाल सरकार भारत से लगे नेपाल क्षेत्र में एक और बीओपी बनाने जा रही है। दोनों जगहों पर बीओेपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) बनाने के लिए स्थान का चयन करने के साथ ही राशि रिलीज कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि इन चेकपोस्टों पर नेपाल सशस्त्र प्रहरी और नेपाल प्रहरी के जवान सालभर तैनात रहेंगे। अभी तक छांगरु में नेपाल प्रहरी के जवान छह माह ही रहते थे। बुधवार को दार्चुला के खलंगा से हेलिकॅाप्टर के माध्यम से सशस्त्र प्रहरी के 25 और नेपाल प्रहरी के नौ जवानों को वहां भेजा गया है।
नेपाल सरकार ने व्यास गांवपालिका एक छांगरू में निरीक्षक नीली बहादुर चंद के नेतृत्व में भेजे गए जवानों को अस्थायी तौर पर किराए के घर और टेंटों में रखा है। वहां पहुंचने के बाद जवानों ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग भी शुरू कर दी है। सभी सुविधाओं से लैस नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवान क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की रिपोर्ट प्रतिदिन दार्चुला बेस कैंप के साथ ही मुख्यालय भी भेजेंगे।
छांगरु में बना चेकपोस्ट भारतीय क्षेत्र सीतापुल के पास पड़ता है। छांगरु में नेपाल सशस्त्र प्रहरी के जवान तैनात किए जाने के मामले में डीआईजी स्तर के एसएसबी के एक अधिकारी का कहना है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। तस्करी आदि रोकने और अपनी सुरक्षा के लिहाज से नेपाल सरकार ने जवान तैनात किए हैं। कालापानी को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है।