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खुले में शौच जाने को मजबूर हुए कैलाश मानसरोवर यात्री, पहला दल लौटा

Wed, 03 Jul 2019 10:09 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 03 Jul 2019 10:09 AM IST
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kailash mansarovar yatra 2019 pilgrims done toilet in open area in china
परिक्रमा पूरी कर लौटे तीर्थयात्री - फोटो : अमर उजाला

कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल मंगलवार को मानसरोवर की यात्रा पूरी कर वापस काठगोदाम पहुंचा। सभी यात्री उत्साहित नजर आए। उन्होंने कुमाऊं मंडल विकास निगम और आईटीबीपी की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

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उन्होंने बताया कि चीनी क्षेत्र में डेरापुक समेत कुछ अन्य पड़ावों में उन्हें खुले में शौच जाना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी वर्षों में व्यवस्था में और भी सुधार होगा, जिससे यात्रा और सरल तथा आसान हो सकेगी।
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हल्द्वानी के सेवानिवृत्त इंजीनियर कमलाकांत पांडे ने कहा कि मेरी यह दूसरी कैलाश यात्रा थी। इससे पहले वर्ष 2018 में चौथे बैच में गया था। भारतीय क्षेत्र में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई। सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक चौबंद थी, लेकिन चीन के डेरापोक में यात्रियों को खुले में शौच जाना पड़ा।  
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दिल्ली के रेलवे से सेवानिवृत्त दल के सबसे बुजुर्ग यात्री मुरलीधर गौतम ने कहा कि मैं पहली बार कैलाश यात्रा पर गया था। पूरी यात्रा के दौरान असीम आनंद की अनुभूति हुई है। कहीं भी किसी तरह की कोई दिक्कत सामने नहीं आई। कैलाश पर्वत की परिक्रमा करना किसी सपने के पूरे होने से कम नहीं था। बाबा का बुलावा आएगा तो फिर यात्रा पर जाऊंगा।  

मध्य प्रदेश के डॉ. राजकुमार  ने कहा कि जो यात्री भौतिक सुख को लेकर यात्रा पर गया होगा उसे ही दिक्कतें हुई होंगी। श्रद्धा और विश्वास से जाने वालों को कहीं कोई दिक्कतें नहीं हुई। चीन में आवास की सुविधा तो अच्छी है, लेकिन डेरापुक से लेकर झुनझुनपुक तक आवास से बाहर शौच के लिए जाना पड़ा। 

गुजरात के महेश पटेल ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी हम दोनों ही यात्रा पूरी कर लौटे हैं। यह हमारी दूसरी कैलाश यात्रा थी। कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को सामने देख ईश्वरी चमत्कार की अनुभूति हुई। पूरी यात्रा के दौरान मौसम ने साथ दिया। पहाड़ के लोग इतने अच्छे थे लगा ही नहीं कि हम घर से बाहर निकले हुए हैं। 

टीआरसी में हुआ यात्रियों का स्वागत

पहला दल कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 12 जून को काठगोदाम से रवाना हुआ था। दल में कुल 58 यात्री थे। इनमें 49 पुरुष और नौ महिलाएं शामिल थीं। मंगलवार को अल्मोड़ा से रवाना हुआ यह दल पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे काठगोदाम स्थित पर्यटक आवास गृह पहुंचा जहां पर्यटक आवास गृह प्रबंधक रमेश पांडे, निगम के वरिष्ठ व्यवसाय प्रबंधक दीपक पांडे आदि ने उनका स्वागत किया।

इस मौके पर तिब्बती रिफ्यूजी फाउंडेशन के अध्यक्ष पेमा सिथर, तिब्बती मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष सेरिंग धुंडप, तिब्बती युवा कांग्रेस के अध्यक्ष लोप संगसोपा व तिब्बती महिला संगठन की अध्यक्षा लगीओमो ने सभी तीर्थ यात्रियों को दुपट्टा और धार्मिक ग्रंथ भेंट कर उनका स्वागत किया। 

दूसरे दल ने भी पूरी की कैलाश मानसरोवर यात्रा
कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर दूसरे दल के 45 यात्री तकलाकोट से वापस गुंजी पहुंच गए हैं। चौथे दल के यात्री तकलाकोट पहुंचे।आईटीबीपी सातवीं वाहिनी नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार दूसरे दल के यात्रियों को चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने सुबह 7.30 बजे लिपुपास में आईटीबीपी के सुरक्षा दस्ते के सुपुर्द किया। चौथे दल के 59 तड़के नाभीढांग से रवाना होकर लिपुपास पहुंचे। यात्रियों को आईटीबीपी के सुरक्षा दस्ते ने लिपुपास में चीनी एजेंसियों के सुपुर्द किया। यात्री 11.30 बजे तकलाकोट पहुंच गए। तीसरे दल के 56 सदस्य मंगलवार को डेरापुक से यमद्वार होते हुए जोंगजीबू पहुंचे। यहां से यात्रियों की कैलाश परिक्रमा शुरू हो गई है। 56 सदस्यीय पांचवें दल के यात्री गुंजी से होम स्टे के लिए नाबी गांव पहुंचे हैं। यात्रियों की बुधवार को वापसी में गुंजी में स्वास्थ्य जांच की जाएगी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है। 

छठा दल अल्मोड़ा रवाना

उधर, आदि कैलाश यात्रियों के दूसरे दल के 21 यात्री (12 पुरुष और नौ महिलाएं) यात्रा पूरी कर लौट आए हैं। यात्रियों का पर्यटक आवास गृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में निगम कर्मियों ने बुरांश का जूस पिलाकर स्वागत किया।

इस दौरान यात्रियों ने हिमालय बचाओ अभियान की शपथ लेते हुए मानसरोवर स्मृति वाटिका में पौधरोपण किया। इसके बाद यह दल जागेश्वर को रवाना हो गया। इस मौके पर कोर्डिनेटर प्रेम सिंह बिष्ट, जी मुखोपाध्याय, संगीता जोशी, अमिता जिंदल, प्रो. एम डे, गणेश नगरकोटी, वेदप्रकाश, दीपक बिष्ट, नारायण दत्त, संजय, बबलू आदि मौजूद रहे। 

दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा को रवाना हुआ छठा दल मंगलवार की दोपहर काठगोदाम स्थित पर्यटक आवास गृह पहुंचा जहां निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने यात्रियों का जोरदार स्वागत किया। अल्प विश्राम और भोजन के बाद यात्री अल्मोड़ा को रवाना हो गए। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक रमेश पांडे और वरिष्ठ व्यवसाय प्रबंधक दीपक पांडे ने बताया कि छठे दल में कुल 57 यात्री शामिल हैं जिनमें 46 पुरुष और 11 महिलाएं हैं। शाम चार बजे के करीब काठगोदाम से अल्मोड़ा को रवाना हो गया।

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