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कैलाश मानसरोवर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा भत्ता बढ़ा, जानिए अब कितना मिलेगा

Fri, 12 Jan 2018 12:29 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 12 Jan 2018 12:29 AM IST
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kailash mansarovar yatra 2018 allowance increase for pilgrims

कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबर है। संस्कृति विभाग ने यात्रा भत्ते की राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यात्रा में भाग लेने वाले उत्तराखंडियों को 25 की जगह 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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इसी तरह, सरकार ने गुरु-शिष्य की परंपरा में अब प्रतिभागी छात्रों को भी मानदेय देने का निर्णय लिया है। उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये मानदेय संस्कृति विभाग देगा। अभी तक इस योजना में गुरु और वाद्य यंत्र कलाकार तो मानदेय दिया जाता रहा है, लेकिन प्रतिभागी छात्रों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
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कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बृहस्पतिवार सुबह पर्यटन तो शाम को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें योजनाओं की प्रगति पर बात करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। कैलाश मानसरोवर यात्रा में भाग लेने वाले उत्तराखंड के यात्रियों को 2008 से आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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समीक्षा बैठक में संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इसमें पांच हजार की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने संस्कृति निदेशक बीना भट्ट को जल्द प्रस्ताव देने के लिए कहा। समीक्षा बैठक में गुरु शिष्य परंपरा योजना से जुड़े छात्रों के लिए भी अच्छी खबर निकली।

इस योजना में छह माह की कार्यशाला आयोजित की जाती है। गुरु को तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं, जबकि वाद्य यंत्र कलाकार को दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। महाराज ने निर्देश दिए कि प्रतिभागी छात्रों को हर महीने एक हजार रुपये का मानदेय दिया जाए।

होम स्टे के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना

kailash mansarovar yatra 2018 allowance increase for pilgrims

होम स्टे के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना
पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ट्रैकिंग मार्ग पर होम स्टे के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इस मौके पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के एक अफसर को नोडल अफसर नामित भी किया। उन्होंने हरिद्वार में पर्यटकों को स्थानीय भ्रमण कराए जाने के उद्देश्य से अखाड़ा दर्शन कराते हुए बस चलाने और इसी तरह की सुविधा देहरादून में भी संचालित किये जाने के निर्देश जारी किए।

त्रिजुगीनारायण बनेगा वेडिंग डेस्टिनेशन
रुद्रप्रयाग जिले के त्रिजुगीनारायण की पौराणिक मान्यता शिव-पार्वती के विवाह स्थल के रूप में है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने इस स्थान को वेडिंग डेस्टिनेशन बतौर विकसित करने के निर्देश दिए हैं। हरिद्वार स्थित निष्प्रयोज्य पड़ी गंगनहर में क्याकिंग डेस्टीनेशन बनाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। पर्यटन मंत्री ने सीताबनी में वाइल्ड लाइफ  सफारी बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए भी कहा।

तीन हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का जीओ
ऋषिकेश स्थित आईएसबीटी के पास एकीकृत पर्यटक एवं वाहन रजिस्ट्रेशन सेंटर विकसित करने के लिए विभाग को तीन हेक्टेयर जमीन मिल गई है। बैठक में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासनादेश कर लिया गया है। टीएचडीसी के सहयोग से इस सेंटर को विकसित करने का काम किया जाएगा। इसमें सात करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि टीएचडीसी भी इतना ही बजट उपलब्ध कराएगी।

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