ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा : गुरुवार को पड़ रही पूर्णिमा पर बन रहा विशेष संयोग, ये है शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक़ 24 जून को सूर्य मिथुन राशि और चंद्रमा वृश्चिक राशि में होंगे। इस वजह से यह संयोग बेहद खास है।
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इस बार 24 जून को पड़ रही ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा कई मायनों में खास है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा विशेष होगी। इसके अतिरिक्त पूर्णिमा के दिन सूर्य और चंद्रमा, मिथुन एवं वृश्चिक राशि में होंगे, जिस कारण यह संयोग अतिविशिष्ट हो गया है।
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष स्थान
पंचांग के मुताबिक़ 24 जून को सूर्य मिथुन राशि और चंद्रमा वृश्चिक राशि में होंगे। इस वजह से यह संयोग बेहद खास है। व्रत का विधान 24 जून को है और पारण 25 जून को होगा। आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया की हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष स्थान है।
यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। पूर्णिमा के दिन प्रात: काल पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि नदियों तक जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
ऐसे करें पूजन
इस दिन विधिपूर्वक भगवान विष्णु का व्रत एवं पूजन करें। संकल्प लेकर दिन भर फलाहार करते हुए व्रत रखने का विधान है। रात्रि में चंद्रमा को दूध और शहद मिलाकर अर्घ्य देने से सभी रोग एवं कष्ट दूर हो जाते हैं। व्रत का पारण अगले दिन दान करके करना चाहिए।
शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
आरंभ : 24 जून, सुबह 3:34 बजे
समापन: 25 जून, 12: 09 बजे
पूरे वर्ष में 12 पूर्णिमा तिथि आती हैं
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा आती है। इस तरह से पूरे वर्ष में 12 पूर्णिमा तिथि आती हैं। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ उदय होता है, इसलिए सनातन धर्म में यह तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अन्य पूर्णिमा तिथियों के समान ही ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भी पवित्र नदी या कुंड में स्नान करने और दान करने का बहुत महत्व माना गया है। पूर्णिमा तिथि चंद्रमा, भगवान के साथ ही मां लक्ष्मी की भी प्रिय मानी जाती है।