{"_id":"2b2b8f1fb664adb567db96aa0628bb4c","slug":"junior-masterchef-sarthak","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूनियर मास्टर शेफ में बन रहा है दून का 'लिट्टी-चोखा'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनियर मास्टर शेफ में बन रहा है दून का 'लिट्टी-चोखा'
अमर उजाला, नलिनी गुसाईं, देहरादून
Updated Mon, 26 Aug 2013 11:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लहरों के साथ तो हर कोई तैर लेता है, लेकिन असली इंसान वही है जो लहरों को चीरकर आगे बढ़े। दून का नन्हा सार्थक कुछ ऐसे ही हौसले के साथ जिंदगी की दुश्वारियों को हराता हुए ऐसे मुकाम पर पहुंचा गया है जहां उसे हर कोई सलाम कर रहा है।
विज्ञापन
दून के इस नन्हें बावरची की जिंदगी में परेशानियां कम नहीं थी, लेकिन उसने उन्हीं को अपना ताकत बना लिया। एक टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले शो जूनियर मास्टर शेफ में सार्थक के हाथों का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। खासकर, उसके लिट्टी चोखा ने तो जजों को मुरीद बना दिया।
विज्ञापन
सार्थक का घर प्रेमनगर में है। कुछ साल पहले उसके पिता अनिल शर्मा का निधन हो गया। इसके बाद सार्थक ने घर में ही मैगी की दुकान खोलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। 12 वर्षीय सार्थक प्रेमनगर के केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ता है। तीन बजे स्कूल से आने के बाद शाम को दुकान चलाता है।
विज्ञापन
उसकी मम्मी तृप्ति शर्मा एक अस्पताल में नर्स हैं। सार्थक पैसे कमाने के साथ ही भाई को तैयार कर स्कूल भेजने सहित अन्य घरेलू कार्यों में मां का हाथ बंटाता है। इस समय सार्थक की मां भी मुंबई में चल रही शूटिंग में बेटे के साथ मौजूद हैं। फोन पर बातचीत में उन्होंने विश्वास जताया कि सार्थक जरूर कुछ बड़ा करके लौटेगा।
हालात ने सिखा दिया सर...
सार्थक से जब परिवार के बारे में पूछा गया तो वह भावुक हो गया और आंसू छलक पड़े। सार्थक को बाहर से स्क्रिन पर देख रही उसकी मां भी रोने लगी। जजों ने पूछा कि इस उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी तुमने कैसे समझी, तो वह बोला कि परिस्थितियों ने सिखा दिया सर। जज ने जूनियर मास्टर शेफ को एपरेन देकर बूट कैंप का न्योता दिया तो सार्थक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जजों को उसका लिट्टी चोखा इतना पसंद आया कि कुणाल कपूर ने तो अपना लक्की बैंड उतारकर सार्थक के हाथों में पहना दिया। वे बोले, अब लिट्टी चोखा खाएंगे तो सिर्फ आपके हाथों का।
अगले पड़ाव के लिए की मेहनत
प्रेमनगर में रेस्तरां चलाने वाले जीतेंद्र तनेजा ने बताया कि सार्थक ने प्रतियोगिता की तैयारी की हुई थी। वह वेज डिश बनाने में माहिर है, लेकिन इस शो में आगे बढ़ने के लिए हर तरह की डिश बनानी आनी चाहिए। सार्थक यह जानता था, इसलिए उसने हमारे रेस्तरां में नॉन वेज बनाना सीखा।