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जूनियर मास्टर शेफ जीतने के बाद सार्थक बने 'हीरो'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 05 Nov 2013 03:21 PM IST
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देहरादून के सार्थक जूनियर मास्टर शेफ का खिताब जितने
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के बाद अब 'हीरो' बन गए हैं। जी, हां राजधानी में प्रेमनगर के रहने वाले
सार्थक के बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं।
पसंदीदा डिश बनाने की तैयारी
मोहल्ले की महिलाएं भी घर में उसकी पसंदीदा डिश बनाने की तैयारी में हैं। जूनियर मास्टर शेफ का पहला खिताब जीतने वाले सार्थक ने वाकई अपना नाम सार्थक कर दिया है। खिताब पाने के बाद इन दिनों सार्थक फुर्सत के समय में मां और भाई संग रिश्तेदारों के यहां घूम रहे हैं।
पढ़ें, केदारनाथ के कपाट हुए बंद
अभी वह काशीपुर में हैं तो 6 नवंबर को दून पहुंचेंगे। पहले दून में रिश्तेदारों के घर रुकने के बाद प्रेमनगर स्थित अपने घर पहुंचेंगे। क्षेत्रवासी जितेंद्र तनेजा ने बताया कि सार्थक के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। कुछ लोग उसे फूलमाला पहनाने रेलवे स्टेशन जाएंगे तो कुछ प्रेमनगर में ही रुककर इंतजार करेंगे।
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चाची सुनीता शर्मा ने कहा कि सार्थक की मेहनत पर हमें पहले से ही पूरा भरोसा था। वह बच्चा है ही इतना मेहनती। स्कूल से आने के बाद वह अपनी मैगी की दुकान संभालता था। भाई को देखता था। सार्थक अपनी मां की हर बात मानता है।
बीस लाख की स्कॉलरशिप और एक लाख कैश
फाइनल में तीन कंटेस्टेंट में दून के सार्थक ने यह खिताब पाकर कई लोगों को खुशियां दी हैं। सार्थक की मां तृप्ति शर्मा ने कहा कि अब तक मेरे बेटे ने कोई खुशी नहीं देखी थी लेकिन अब उसके जीवन में इतनी बड़ी खुशी आई है। जीत के बाद सार्थक को बीस लाख की स्कॉलरशिप और एक लाख कैश दिया जाना है।
लिट्टी चोखे से फंडे तक
जूनियर मास्टर शेफ में सार्थक की एंट्री उसकी डिश लिट्टी चोखे से हुई थी। इस डिश की जजेस ने बेहद तारीफ की थी।
फाइनल राउंड में सार्थक ने जो डिश बनाई उसका नाम था देखने में अंडा, खाने में फंडा। सार्थक की यह डिश जजेस को ही नहीं बल्कि सीरियल में आने वाले कई सितारों को भी खूब भाई।
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पसंदीदा डिश बनाने की तैयारी
मोहल्ले की महिलाएं भी घर में उसकी पसंदीदा डिश बनाने की तैयारी में हैं। जूनियर मास्टर शेफ का पहला खिताब जीतने वाले सार्थक ने वाकई अपना नाम सार्थक कर दिया है। खिताब पाने के बाद इन दिनों सार्थक फुर्सत के समय में मां और भाई संग रिश्तेदारों के यहां घूम रहे हैं।
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अभी वह काशीपुर में हैं तो 6 नवंबर को दून पहुंचेंगे। पहले दून में रिश्तेदारों के घर रुकने के बाद प्रेमनगर स्थित अपने घर पहुंचेंगे। क्षेत्रवासी जितेंद्र तनेजा ने बताया कि सार्थक के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। कुछ लोग उसे फूलमाला पहनाने रेलवे स्टेशन जाएंगे तो कुछ प्रेमनगर में ही रुककर इंतजार करेंगे।
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चाची सुनीता शर्मा ने कहा कि सार्थक की मेहनत पर हमें पहले से ही पूरा भरोसा था। वह बच्चा है ही इतना मेहनती। स्कूल से आने के बाद वह अपनी मैगी की दुकान संभालता था। भाई को देखता था। सार्थक अपनी मां की हर बात मानता है।
बीस लाख की स्कॉलरशिप और एक लाख कैश
फाइनल में तीन कंटेस्टेंट में दून के सार्थक ने यह खिताब पाकर कई लोगों को खुशियां दी हैं। सार्थक की मां तृप्ति शर्मा ने कहा कि अब तक मेरे बेटे ने कोई खुशी नहीं देखी थी लेकिन अब उसके जीवन में इतनी बड़ी खुशी आई है। जीत के बाद सार्थक को बीस लाख की स्कॉलरशिप और एक लाख कैश दिया जाना है।
लिट्टी चोखे से फंडे तक
जूनियर मास्टर शेफ में सार्थक की एंट्री उसकी डिश लिट्टी चोखे से हुई थी। इस डिश की जजेस ने बेहद तारीफ की थी।
फाइनल राउंड में सार्थक ने जो डिश बनाई उसका नाम था देखने में अंडा, खाने में फंडा। सार्थक की यह डिश जजेस को ही नहीं बल्कि सीरियल में आने वाले कई सितारों को भी खूब भाई।
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