Uttarakhand: मार्च में भूकंप के झटकों ने डराया, लेकिन नहीं किया नुकसान, जोशीमठ भूधंसाव में आई कमी
मार्च में जोशीमठ में भूधंसाव और दरारें पड़ने का सिलसिला कुछ कम रहा। जोशीमठ में भूधंसाव बढ़ने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने हेलंग-मारवाड़ी बाईपास और जोशीमठ में ऑलवेदर रोड का काम जनवरी में बंद कर दिया था। अधिकारी अब आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के बाद ही निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा।
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प्राकृतिक आपदा के लिहाज से मार्च शांत रहा। इस दौरान कोई बड़ी सड़क दुर्घटना भी नहीं हुई। राज्य में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए, लेकिन किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। बिगड़े मौसम ने जरूर अपना रंग दिखाया। बेमौसमी बारिश से फसलों को नुकसान पहुचा तो आकाशिय बिजली गिरने से 350 बकरियों की मौत हो गई।
जोशमठ में भूधंसाव में कमी आई और दरारों के पड़ने का सिलसिला कम हुआ। देहरादून स्थित थिंक टैंक एसडीसी फाउंडेशन की ओर से मार्च की उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (उदास) रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें यह तथ्य उजागर हुए हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि वर्ष के तीसरे महीने में राज्य में कोई आपदा या बड़ी सड़क दुर्घटना न होना राहत की बात रही है।
जनवरी और फरवरी की तुलना में मार्च में जोशीमठ में भूधंसाव और दरारें पड़ने का सिलसिला कुछ कम रहा। प्रभावितों के लिए मुआवजा अब यहां बड़ा मुद्दा बन गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 28 मार्च, 2023 तक कुल राहत राशि केवल 10 प्रतिशत प्रभावितों को वितरित की गई है। 45 करोड़ रुपये में से अब तक 8.3 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा
जोशीमठ में भूधंसाव बढ़ने के बाद चमोली जिला प्रशासन ने हेलंग-मारवाड़ी बाईपास और जोशीमठ में ऑलवेदर रोड का काम जनवरी 2023 में बंद कर दिया था। यह काम अब तक अटका हुआ है। अधिकारी अब आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के बाद ही निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जाएगा।
भूकंप के झटकों ने डराया, नुकसान नहीं
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए। जनवरी में 2.0 से 3.8 तीव्रता तक के चार भूकंप के झटके राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आए। फरवरी में 2.5 तीव्रता के तीन झटके आए। दो मार्च को पौड़ी में 2.4 तीव्रता, इसी दिन 2.6 तीव्रता का भूकंप बागेश्वर में दर्ज किया गया।
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पांच मार्च को उत्तरकाशी में तीन झटके आए। एक की तीव्रता 2.5 और दो की तीव्रता 2 से कम थी। 6 मार्च और 8 मार्च को पिथौरागढ़ में 2.2 और 2.1 तीव्रता, 13 मार्च को चमोली में 2.1 तीव्रता, 15 मार्च को उत्तरकाशी में 2.3 तीव्रता, 16 मार्च को नैनीताल में 2.1 तीव्रता और 19 मार्च को रुद्रप्रयाग में 2.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।