Joshimath: औली रोपवे टावर के आसपास नई दरारें नहीं, जमीन के नीचे की हलचल जानने को खेतों में लगाए सेंसर
नगर में भू-धंसाव का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक निरीक्षण कर रहे हैं। अब नगर के मनोहर बाग वार्ड के खेतों और औली रोड पर वैज्ञानिकों ने सेंसर लगाए हैं।
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सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि जोशीमठ-औली रोपवे के टावरों के आसपास आई दरारों पर नजर रखी जा रही है। कहा, बीते दो दिनों में कोई नई दरार नहीं दिखाई दी है। रोपवे पूरी तरह से सुरक्षित है। रोपवे साइट पर विशेष तौर पर एक इंजीनियर की तैनाती कर दी गई है। जो पूरे रोपवे क्षेत्र में नजर रखेंगे और किसी आपात स्थिति की तत्काल रिपोर्ट देंगे।
केंद्र की टीमों ने राज्य सरकार को नहीं सौंपी रिपोर्ट
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया, जोशीमठ में केंद्र की तीन टीमें आईं थीं, लेकिन उन्होंने राज्य सरकार को कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है। संभवत: वह केंद्र सरकार को ही रिपोर्ट सौंपेंगी या सौंप चुकी हैं। इनमें एक एनसीडीएम, जल शक्ति मिशन और एक अन्य विशेषज्ञों की टीम ने जोशीमठ का दौरा किया था।
जमीन के नीचे की हलचल जानने के लिए खेतों में लगाए सेंसर
नगर में भू-धंसाव का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक निरीक्षण कर रहे हैं। अब नगर के मनोहर बाग वार्ड के खेतों और औली रोड पर वैज्ञानिकों ने सेंसर लगाए हैं।
इन सेंसरों से जमीन के नीचे की पूरी जानकारी मिलेगी। साथ ही यह पता चलेगा कि जमीन के अंदर क्या हलचल हो रही है। जोशीमठ में भू-धंसाव का कारण आखिर क्या है, इसकी जानकारी तभी मिलेगी, जब जमीन के अंदर की स्थिति पता चल पाएगी। वैज्ञानिकों ने मनोहर बाग वार्ड में सेंसर लगाए हैं, जिससे पता चलेगा कि जमीन के अंदर वाइब्रेशन कितनी है। स्थानीय निवासी सूरज कपरवाण ने बताया, वैज्ञानिकों ने उनके खेत और औली रोड पर सेंसर लगाए हैं। वैज्ञानिकों ने सेंसर लगाने के दौरान बताया कि इससे जमीन के अंदर मिट्टी, रेत और पत्थरों की जानकारी मिलेगी। साथ ही अंदर कंपन की स्थिति का भी पता चलेगा।
होटलों के आगे लगाए सीसीटीवी कैमरे
नगर में भू-धंसाव से क्षतिग्रस्त हुए होटल माउंट व्यू और मलारी इन को तोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं अब प्रशासन ने इन होटलों के सामने सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं जिससे यहां की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। कैमरों के माध्यम से थाने से क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। थाना प्रभारी केसी भट्ट ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए यहां पर कैमरे लगाए गए हैं। कभी भी कोई खतरा दिखाई दे तो तुरंत आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। यहां आवाजाही करने वालों पर भी इससे नजर रखी जा जाएगी। कैमरों से यहां पर दिन रात पूरी निगरानी की जाएगी।
किरायेदार, अनाधिकृत कब्जाधारियों को मिलेंगे 50 हजार
भू-धंसाव से प्रभावित किरायेदारों और अनाधिकृत कब्जाधारियों को शासन की ओर से 50 हजार रुपये देने का आदेश जारी किया गया है। उन्हें अपना सामान शिफ्ट करने और तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए यह धनराशि दी जा रही है। इसके अलावा आपदा प्रभावित परिवारों के दो वयस्क सदस्यों को राहत कैंप की अवधि के दौरान मनरेगा के तहत निर्धारित मजदूरी 213 रुपये प्रति दिन के अनुसार दी जाएगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को होटल व अन्य स्थानों पर राहत कैंपों में आवासीय व्यवस्था के लिए वास्तविक व्यय या 950 रुपये प्रतिदिन के अनुसार दिए जाएंगे।