फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Joshimath Sinking CBRI scientists will build residential colony capable withstanding all kinds of threats

Joshimath Sinking: सभी तरह के खतरों को सहने में सक्षम आवासीय कॉलोनी का निर्माण करेंगे सीबीआरआई के वैैज्ञानिक

Fri, 06 Jan 2023 03:21 PM IST
रेनू सकलानी अंकित कुमार गर्ग, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
अंकित कुमार गर्ग, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 06 Jan 2023 03:21 PM IST
सार

जहां कॉलोनियों का निर्माण होगा, उसके लिए चुनौतीपूर्ण साइट का चयन किया जा रहा है। तीखे ढलान वाले क्षेत्रों में निर्माण की चुनौतियों से निपटने में कारगर भवन निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह एक ‘मॉडल कंस्ट्रक्शन’ होगा।

विज्ञापन
Joshimath Sinking CBRI scientists will build residential colony capable withstanding all kinds of threats
दरारें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोशीमठ में भवनों में आ रही दरारों से मची अफरातफरी के बीच एक अच्छी खबर है। रुड़की स्थित केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) के वैैज्ञानिक जोशीमठ में सभी तरह के खतरों को सहने में सक्षम आवासीय कॉलोनी का निर्माण करेंगे। खास बात यह है कि अलग-अलग फेज में बनने वाली इन कॉलोनियों को चुनौतीपूर्ण साइट पर बनाया जाएगा। ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि डीप स्लोप वाली जगहों पर भी तकनीक के जरिये सुरक्षित घर बनाए जा सकते हैं। 

विज्ञापन


जोशीमठ में एनएचपीसी (नेशनल हाईड्रो पॉवर कॉरपोरशन) लिमिटेड की ओर से सीबीआरआई रुड़की से कॉलोनियों के निर्माण के लिए तकनीक एवं निर्माण सहायता मांगी गई है। एक प्रोजेक्ट के तहत इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया और एसके नगी अलग-अलग फेज में बनने वाली आवासीय कॉलोनी का डिजाइन एलीवेशन, प्लानिंग, स्ट्रक्चरल डिजाइन समेत सभी तरह की निर्माण तकनीकी देंगे। छह माह के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा। जल्द ही इसके लिए साइट विजिट की जाएगी। 
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि जहां कॉलोनियों का निर्माण होगा, उसके लिए चुनौतीपूर्ण साइट का चयन किया जा रहा है। तीखे ढलान वाले क्षेत्रों में निर्माण की चुनौतियों से निपटने में कारगर भवन निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक ‘मॉडल कंस्ट्रक्शन’ होगा। ताकि इसी आधार पर भविष्य में अन्य लोगों को भवन निर्माण के प्रति जागरूक किया जा सके। बताया कि पहले फेज में 100 से 150 भवन बनाए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Joshimath Sinking: चेहरे पर दिख रहे आपदा के आतंक के निशान, ये रिपोर्ट बता रही गेटवे ऑफ हिमालय की हालत

हेलीपेड भी होगा, हवाई राहत कार्यों में मिलेगी मदद  
वैज्ञानिक डा. अजय चौरसिया ने बताया कि कॉलोनी में आवासीय भवन, आफिस, गेस्ट हाउस समेत सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां तक की हेलीपैड का भी निर्माण होगा। इससे हवाई संबंधी राहत कार्यों में भी मदद मिल सकेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed