Joshimath: कोटी फार्म में बनेंगे प्री-फेब्रीकेटेड घरों के मॉडल, विस्थापन के लिए चार स्थान चिह्नित
सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने भी इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्हाेंने बताया कि आपदा प्रभावितों को बसाने के लिए पांच स्थानों पर भूमि का चयन किया गया था। इनमें से जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर चार स्थानों को उपयुक्त पाया गया है।
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जोशीमठ आपदा प्रभावितों को पुनर्वासित करने के लिए चार स्थानों पर भूमि का चयन कर लिया गया है। इनमें से एक कोटी फार्म में स्थित उद्यान विभाग की भूमि पर पहले चरण में तीन प्री-फेब्रीकेटिड डेमोस्ट्रेशन भवन बनाए जाएंगे। लोगाें को पसंद आने पर तीन अन्य स्थानों में लोगों की पसंद के हिसाब से उनके लिए यह भवन बनाए जाएंगे। सीबीआरआई रुड़की को अगले पांच दिनों में 21 जनवरी तक मॉडल भवन बनाने को कहा गया है।
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राज्य सचिवालय में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने भी इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्हाेंने बताया कि आपदा प्रभावितों को बसाने के लिए पांच स्थानों पर भूमि का चयन किया गया था। इनमें से जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर चार स्थानों को उपयुक्त पाया गया है। इनमें कोटी फार्म, एचआरडीआई की भूमि, पीपलकोटी और ढाक गांव में भूमि शामिल है। उन्होंने बताया कि जोशीमठ में लोगों को अच्छे घर बनाकर दिए जाने के प्रति विश्वास दिलाने के लिए पहले कोटी फार्म में स्थित उद्यान विभाग की भूमि पर तीन डेमोस्ट्रेशन भवन बनाए जाएंगे। इसमें वन, टू और थ्री बीएचके के प्री-फेब्रीकेटिड मॉडल भवन बनेंगे। बाद में किसको कितने कमरों का घर दिया जाएगा, यह बाद में तय किया जाएग। हालांकि इसके लिए लोगों की भवनों की नापझोख पहले ही कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि सीबीआरआई रुड़की को प्री-फेब्रीकेटिड भवनों के निर्माण का जिम्मा सौंपा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से बात की जाएगी, यदि उन्हें यह भवन पसंद आते हैं तो उनके लिए और भवन बनाए जाएंगे। सीबीआरआई की ओर से निर्माण एजेंसियां पहले से तय हैं, उनकी दरें भी तय हैं। सीबीआरआई की ओर से इसके लिए 400 रुपये वर्गफुट रेट तय है। उन्होंने बताया कि इन भवनों की लाइफ 25 से 30 साल होती हे।
ये चिह्नित चार स्थान
1- कोटी फार्म: जोशीमठ से लगभग 12 किमी दूर कोटी फार्म के लिए औली से सड़क कटती है। यहां राजस्व की भूमि उपलब्ध है।
2- ढाक गांव: मलारी रोड पर स्थित ढाक गांव जोशीमठ से करीब 12 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां राजस्व की भूमि उपलब्ध है।
3- पीपलकोटी: जोशीमठ से करीब 36 किमी दूर पीपलकोटी में भी सरकारी जमीन उलब्ध है।
4- एचआडीआई की भूमि: जोशीमठ से करीब नौ किमी दूर जड़ी-बूटी शोध संस्थान (एचआडीआई) की भूमि है।
आपदा प्रभावित के विस्थापन के लिए जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल चार स्थानों पर भूमि का चयन कर लिया गया है। इसके अलावा भी अन्य स्थानों पर भूमि की संभावनों को तलाशा जा रहा है। फिलहाल कोटी फार्म की भूमि पर तीन प्री-फेब्रीकेटिड डेमोस्ट्रेशन भवन बनाए जा रहे हैं।
- डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव अपादा प्रबंधन विभाग