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पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए खुशखबरी, अब विदेश में भी नौकरी दिलाएगा उपनल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 28 Apr 2018 05:44 PM IST
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विदेशी फर्मों ने उपनल से मैन पावर उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया है,
उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) अब देश के बाहर भी पूर्व सैनिकों के आश्रितों की नौकरी लगवाएगा।
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कई विदेशी फर्मों ने उपनल से मानव संसाधन (मैन पावर) उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया है, जिसके बाद इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अभी केरल और आंध्र प्रदेश में पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़े संगठन विदेशों में मानव संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। उपनल अभी उत्तराखंड के साथ ही देश के कई राज्यों में भी मानव संसाधन उपलब्ध करवा रहा है। इसमें सरकारी विभागों और निकायों के साथ ही कई निजी संस्थान भी शामिल हैं।
मानव संसाधन उपलब्ध कराने के एवज में उपनल को 2.5 फीसदी कमीशन मिलता है। पिछले कुछ समय में कई विदेशी फर्मों ने मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए उपनल से संपर्क किया है। इनमें से ज्यादातर फर्मों ने सिक्योरिटी के लिए काम करने वालों की मांग रखी है। मर्चेंट नेवी ने भी शिप सिक्योरिटी के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए संपर्क किया। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि वह नौकरी पाने वालों को ट्रेनिंग भी अपने खर्च पर देंगे।
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इसके बाद उपनल ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत उपनल संबंधित फर्मों से अनुबंध करेगा, जिसके बाद फर्मों को कार्मिकों की संख्या और पद के अनुसार वेतन का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में करना होगा।
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नहीं हो सकेगा उत्पीड़न
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उपनल के जरिए विदेशों में नौकरी पाने वालों का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा। नियोक्ता विदेश में उनसे किसी तरह की मनमानी नहीं कर सकेगा। उन्हें उतना ही वेतन और वही काम दिया जाएगा, जो पहले से तय होगा। अभी कई एजेंसियां या नियोक्ता विदेश ले जाने के बाद दूसरा काम कराते हैं और वेतन भी कम देते हैं। वहीं, अन्य प्राइवेट नियोक्ताओं या एजेंसियों की तुलना में उपनल सबसे कम कमीशन लेगा। कई मामलों में बेरोजगार दलालों के चक्कर में फंसकर अपना पैसा भी लुटा देते हैं। साथ ही कानूनी पचड़ों में फंसने का खतरा भी रहता है।
सैनिक व सैनिक आश्रित होंगे पात्र
विदेश में भी उपनल केवल सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों का ही प्रयोजन (स्पांसरशिप) कराएगा। हाल में हुए विवाद के बाद उपनल ने किसी भी अन्य अभ्यर्थी को प्रयोजन न देने का फैसला किया है, जबकि केंद्रीय संस्थानों में उपनल पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से इतर भी नियुक्ति दे सकता है।
बोर्ड को शंकाएं ज्यादा
विदेश में नौकरी लगाने के उपनल के प्रस्ताव पर बोर्ड को कई तरह की शंकाएं भी हैं। मसलन अगर किसी कर्मचारी के साथ विदेश में कुछ गलत या अनहोनी हो जाए, कोई कंपनी या नियोक्ता कुछ और गड़बड़ करे, तो इससे उपनल को दिक्कत होगी। वहीं, बोर्ड ने कुछ अन्य शंकाएं भी जताई हैं, जिनके निस्तारण के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रस्ताव पिछले काफी समय से पाइप लाइन में है। मैं व्यक्तिगत तौर पर इस प्रस्ताव का समर्थक हूं। हालांकि उपनल बोर्ड ने इसको लेकर कुछ शंकाएं व्यक्त की हैं। पहले उन शंकाओं का निस्तारण करना जरूरी है।
- आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव, सैनिक कल्याण
सैनिक व सैनिक आश्रित होंगे पात्र
विदेश में भी उपनल केवल सैनिक, पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों का ही प्रयोजन (स्पांसरशिप) कराएगा। हाल में हुए विवाद के बाद उपनल ने किसी भी अन्य अभ्यर्थी को प्रयोजन न देने का फैसला किया है, जबकि केंद्रीय संस्थानों में उपनल पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से इतर भी नियुक्ति दे सकता है।
बोर्ड को शंकाएं ज्यादा
विदेश में नौकरी लगाने के उपनल के प्रस्ताव पर बोर्ड को कई तरह की शंकाएं भी हैं। मसलन अगर किसी कर्मचारी के साथ विदेश में कुछ गलत या अनहोनी हो जाए, कोई कंपनी या नियोक्ता कुछ और गड़बड़ करे, तो इससे उपनल को दिक्कत होगी। वहीं, बोर्ड ने कुछ अन्य शंकाएं भी जताई हैं, जिनके निस्तारण के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रस्ताव पिछले काफी समय से पाइप लाइन में है। मैं व्यक्तिगत तौर पर इस प्रस्ताव का समर्थक हूं। हालांकि उपनल बोर्ड ने इसको लेकर कुछ शंकाएं व्यक्त की हैं। पहले उन शंकाओं का निस्तारण करना जरूरी है।
- आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव, सैनिक कल्याण