मोदी सरकार पर बरसे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद
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देश का किसान कृषि संकट से जूझ रहा है और केंद्र सरकार किसानों के हित में नीति बनाने के बजाय उद्योगपतियों के हित में नीति बना रही है। मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ धोखा हो रहा है। उत्तराखंड का विशेष राज्य का दर्जा भी समाप्त कर दिया गया है। यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने हरिद्वार में कही।
हाईवे स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने मोदी सरकार के एक साल पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस वायदे के साथ केंद्र में भाजपा सरकार आई, वह वायदे पूरे नहीं कर पाई। देश की 67 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है।
इसके बावजूद केंद्र सरकार किसानों के हित में काम करने के बजाय उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। कहा कि केंद्र सरकार की ओर से धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में महज 50 रुपये की वृद्धि की गई है, जबकि कांग्रेस सरकार ने दस साल में साढ़े आठ सौ रुपये की वृद्धि की थी।
केंद्र पर देहरादूनी बासमती चावल की उपेक्षा का आरोप
केंद्र सरकार की ओर से देहरादूनी बासमती का समर्थन मूल्य घोषित न किए जाने से उसका मूल्य 6000-6500 से घटकर 3200 रुपये रह गया है।
गंगा सफाई पर भाजपा को घेरा
भाजपा ने गंगा के नाम पर वोट लिया था, लेकिन एक साल में गंगा सफाई में कोई परिवर्तन नहीं आया। वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा का नमामि गंगे अभियान एक जुमला सा बन गया है।
मनरेगा में 100 दिन रोजगार को घटाकर 30-35 दिन का कर दिया है। विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म कर दिया गया है। यहां किसानों के हालत बदतर होती जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री विदेशों में पैसे बांट रहे हैं। प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष ओपी चौहान, रामविशाल देव, राजेंद्र चौधरी, अंशुल श्रीकुंज, संजय पालीवाल, प्रदीप चौधरी, संतोष चौहान आदि थे।