अंग्रेजों के समय गुलजार रहने वाले झड़ीपानी फॉल में अब सिर्फ वीरानी
- पर्यटकों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
- खनन माफियाओं ने संपर्क मार्ग को जगह-जगह से ऊबड़-खाबड़ बना दिया।
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विस्तार
अंग्रेजों के समय से लेकर अस्सी के दशक तक सैलानियों से गुलजार रहने वाला झड़ीपानी फॉल अब वीरान पड़ा हुआ है। पर्यटन विभाग की उदासीनता के चलते बदहाल है। नगर से करीब छह किलोमीटर दूर झड़ीपानी फॉल जाने के पर्यटकों को करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
फॉल के साथ ही सैलानी ट्रैकिंग का भी आनंद लेते थे। मोटर मार्ग न बनाने के पीछे ट्रैकिंग का आकर्षण था। गत वर्षों में फॉल तक जाने के लिए पैदल मार्ग की मरम्मत कराई गई थी।
मगर पूरे रास्ते में चूना पत्थर और बजरी के ढेर लगे होने से स्थानीय खनन माफियाओं ने संपर्क मार्ग को जगह-जगह से ऊबड़-खाबड़ बना दिया। जिससे अब पर्यटकों को पैदल जाने मे भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि अंग्रेजों ने इस फॉल को ट्रैकिंग स्पॉट के रूप में विकसित किया था।
कभी राजे-रजवाड़े आते थे इस ट्रैक से जाते थे मसूरी
उस जमाने में राजपुर स्थित शहंशाही आश्रम से लेकर मसूरी तक सड़क मार्ग न होने के चलते पर्यटक और राजा-रजवाड़े झंपानी में बैठकर मसूरी तक आते थे।
राजपुर और मसूरी के बीच झड़ीपानी में एक पड़ाव हुआ करता था। यहीं पर प्राकृतिक पानी का झरना झड़ीपानी फॉल आकर्षण का केंद्र बना। उत्तर प्रदेश के वक्त भी नगर के झरने और पर्यटक केंद्रों के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया जाता रहा है। लेकिन राज्य गठन के बाद से अधिकांश पर्यटक स्थल दम तोड़ने लगे हैं।
इनमें झड़ीपानी फॉल भी शामिल हैं। पूर्व सभासद जयकुमार गुप्ता का कहना है कि एक जमाना था कि यह फॉल सैलानियों से गुलजार रहता था। अब इसके रास्ते में झाड़ उग आए हैं। स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि फॉल के लिए जाने वाले पैदल मार्ग पर जगह-जगह बजरी के लिए खुदान किया जा रहा है। जिससे वह भी टूट गया है। अब फॉल तक पहुंचना भी जोखिम भरा है।
सुधार के नाम पर हो रहे सिर्फ दावे
झड़ीपानी फॉल को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने गत साल एक वृहद योजना तैयार की थी। जिसमें मसूरी के दम तोड़ते फॉल और ट्रैकिंग रूट भी शामिल थे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने दावे किए थे कि सीजन से पहले इनकी स्थिति में सुधार किया जाएगा। पूरा साल बीत गया पर अभी तक एक इंच भी काम आगे नही बढ़ा।
इस बाबत क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने पल्ला झाड़ते हुए पर्यटन विभाग के कंसल्टेंट मनीष उनियाल से संपर्क करने को कहा। मनीष उनियाल के मोबाइल पर बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई मगर उनसे संपर्क नही हो सका।
कोई पहल तक नहीं
झ़ड़ीपानी क्षेत्र के पालिका सभासद अनुज गुप्ता ने कहा कि फॉल को विकसित करने और मार्ग के सुधारीकरण के लिए पालिका और पर्यटन विभाग को कई बार पत्र भेजे गए। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। उनका कहना था कि फॉल के सुंदरीकरण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा बीते साल एक पैकेज रिलीज करने का वादा किया था। मगर अभी तक इस दिशा में कोई पहल तक नहीं की गई।