कार हादसे में हो गई व्यापारी की मौत, तो दुखी होकर जल संस्थान के JE ने भी दे दी जान
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यहां कार दुर्घटना में आरोपित जल संस्थान के अवर अभियंता यशवीर सिंह रौथाण (38 वर्ष) ने रविवार को रस्सी के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार को जेई की कार की चपेट में आने से तिलवाड़ा के एक व्यापारी की मौत हो गई थी।
इस घटना को लेकर अवर अभियंता काफी परेशान और दुखी थे। सुसाइड नोट में जेई ने व्यापारी की मौत पर दुख जताते हुए अपने परिजनों से भी मृतक के परिवार व बच्चों से माफी मांगने की बात कही है।
रुद्रप्रयाग जलसंस्थान में अवर अभियंता पद पर कार्यरत यशवीर सिंह रौथाण (38) निवासी धरियांज-बड़मा, जखोली, हाल निवास अगस्त्यमुनि रविवार शाम करीब छह बजे खेल मैदान स्थित स्पोर्ट्स कांपलेक्स के पास नलकूप में कुछ काम होने की बात कहकर घर से निकले थे। वह नलकूप पर पहुंचे और वहां टीन शेड के नल से रस्से के सहारे फांसी लगा ली। कुछ समय बाद नलकूप के कर्मचारी वहां पहुंचे तो जेई रौथाण को रस्सी के सहारे झूलता देख उनके होश उड़ गए। कर्मियों ने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
सूचना पर एसआई प्रकाश रावत मय फोर्स मौके पर पहुंचे। परिजन भी आ गए। पुलिस ने लोगों की मदद से जेई को नीचे उतारा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां डाक्टरों ने जेई रौथाण को मृत घोषित कर दिया।
थानाध्यक्ष सुबोध मंमगाईं ने बताया कि मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। इसके अनुसार आत्महत्या की वजह बीते शुक्रवार रात को उनकी कार की चपेट में आने से तिलवाड़ा के व्यापारी संजय गोदियाल की मौत होना माना जा रहा है। सुसाइड नोट में जेई ने कार दुर्घटना में व्यापारी की मौत पर दुख जताते हुए कहा है कि वह घटना से काफी हताश और निराश हैं। मामले में पुलिस ने जेई के खिलाफ हिट एंड रन का मामला दर्ज किया था।
भले ही शनिवार को न्यायालय में पेश होने के बाद जेई रौथाण को जमानत मिल गई थी, लेकिन वह घटना के बाद से काफी परेशान और दुखी थे। जेई रौथाण अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे, पिता व भाई-बंधुओं को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। घटना को लेकर अगस्त्यमुनि नगर क्षेत्र में शोक की लहर छाई है।