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Dehradun News: जमीअत ने हल्द्वानी घटना की न्यायिक जांच की मांग की

Mon, 12 Feb 2024 01:25 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 12 Feb 2024 01:25 AM IST
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Jamiat Ulema-e-Hind has demanded a judicial inquiry into
Iराज्यपाल को भेजा 10 सूत्री मांगपत्र, कहा- आपसी विश्वास बहाली के लिए अमन कमेटियों का हो गठनI
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जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने हल्द्वानी घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही कहा है कि निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज न करने व शासन-प्रशासन के साथ संवाद बहाली के लिए अमन कमेटी गठित की जाए।



रविवार को जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अहमद कासमी ने राज्यपाल को 10 सूत्री मांगपत्र भेजा। इसमें हल्द्वानी प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक व उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग से भी निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई गई है। पत्र में बताया गया है कि हल्द्वानी शहर के 132 बागों को 40-40 बीघा के पट्टों में विभाजित कर 90 साल की लीज पर दिया गया था। बनभूलपुरा का मलिक बगीचा भी इसी में शामिल है। लेकिन अब यहां आबादी बढ़ चुकी है। लीज का समय समाप्त हो चुका है। वहीं पूरी बस्ती को छोड़कर मलिक के बगीचे में स्थित मस्जिद व मदरसों को हटाने की जिद के साथ ही बुलडोजर से ध्वस्त किया गया जो जांच का विषय है। जबकि मामले में 14 फरवरी को सुनवाई होना तय था।
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कहा कि नगर आयुक्त पंकज कुमार उपाध्याय व सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का तबादला बीते दिनों हो चुका है। लेकिन, दोनों अधिकारी अपने पद पर बरकरार हैं। स्थानीय लोग नगर आयुक्त की हठधर्मिता को घटना का कारण मान रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही गांधीनगर की ओर से पथराव, आगजनी व गोलीबारी की भी जांच की जाए। मीडिया रिपोर्टों से भी यह खुलासा हुआ है कि अतिक्रमण हटाने से पहले हवाई सर्वे नहीं कराया गया। यहां तक की घटना के व्यक्त पुलिस के पास रबर गोलियां तक नहीं थीं। हालात का आकलन करने में प्रशासन नाकाम रहा। बगैर नोटिस के पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। मुस्लिम क्षेत्रों को खासकर निशाना बनाया जा रहा है। कार्रवाई के नाम पर किसी निर्दोष को बेघर न किया जाए। स्थानीय प्रशासन प्रभावित समुदाय के साथ जुड़ने के लिए विश्वास बहाल को अमन कमेटियों का गठन करें। इसके अलावा बेकसूर लोगों पर कार्रवाई न हो इसके लिए न्यायिक जांच की विशेष जरूरत है।
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