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Dehradun News: प्रतापगढ़ के जयप्रकाश तैयार कर रहे प्राकृतिक रंग
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IIहोली के लिए दून में प्रतापगढ़ के जयप्रकाश प्राकृतिक रंग तैयार कर रहे हैं। वह परिवार के साथ हर्बल रंग बना रहे हैं। जयप्रकाश ने बताया कि उनका परिवार पिछले 75 सालों से यह काम करता आ रहा है।
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Iजयप्रकाश का कहना है कि रंग बनाने में मुख्य रूप से अरारोट, फूल, चना सहित अन्य हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। इसमें कोई भी केमिकल इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह रंग हाथों से बनाए जाते हैं। इससे कोई एलर्जी नहीं होती है। ये रंग बच्चों के लिए भी सुरक्षित होते हैं। जय प्रकाश के अनुसार इन रंगों में एक खास चमक होती है, जो मिलावटी रंगों में नहीं होती। इन रंगों को बनाने में दो से तीन दिन लगते हैं।
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Iजय प्रकाश ने बताया कि वह और उनका परिवार हर साल महाशिवरात्रि पर आ जाते हैं और रंग बनाने के काम में लग जाते हैं। लगभग एक महीने तक यहीं रहते हैं। उनके पिता और दादा भी यही काम करते थे। I
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IIहोली के लिए दून में प्रतापगढ़ के जयप्रकाश प्राकृतिक रंग तैयार कर रहे हैं। वह परिवार के साथ हर्बल रंग बना रहे हैं। जयप्रकाश ने बताया कि उनका परिवार पिछले 75 सालों से यह काम करता आ रहा है।
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Iजयप्रकाश का कहना है कि रंग बनाने में मुख्य रूप से अरारोट, फूल, चना सहित अन्य हर्बल उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। इसमें कोई भी केमिकल इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह रंग हाथों से बनाए जाते हैं। इससे कोई एलर्जी नहीं होती है। ये रंग बच्चों के लिए भी सुरक्षित होते हैं। जय प्रकाश के अनुसार इन रंगों में एक खास चमक होती है, जो मिलावटी रंगों में नहीं होती। इन रंगों को बनाने में दो से तीन दिन लगते हैं।
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Iजय प्रकाश ने बताया कि वह और उनका परिवार हर साल महाशिवरात्रि पर आ जाते हैं और रंग बनाने के काम में लग जाते हैं। लगभग एक महीने तक यहीं रहते हैं। उनके पिता और दादा भी यही काम करते थे। I
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