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जय महाकाली, आयो गोरखाली... से भरा जोश
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1/11 जीआर के भूतपूर्व सैनिकों ने पल्टन का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में वीर नारियों का सम्मान भी किया गया। सैनिकों ने पल्टन का रणगीत गाकर और जय महाकाली, आयो गारखाली... नारे लगाकर कार्यक्रम में जोश भर दिया।
गोरखाली सुधार में आयोजित कार्यक्रम में शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन दल बहादुर लिंबू और सेना मेडल ऑनरेरी कैप्टन गोपाल तामांग ने पल्टन के शौर्य के बारे में बताया कि पल्टन ने कई युद्धों में विजय प्राप्त की है। कारगिल युद्ध में भी पल्टन के सैनिकों ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए और बटालिक हिल में तिरंगा फहराकर विजय का संदेश दिया। इसके बाद पल्टन को ब्रवेस्ट ऑफ द ब्रेव की उपाधि दी गई। इस दौरान वीर नारियों को शॉल ओढ़ा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर शहीद नायब सूबेदार हरीश चंद सावन की पत्नी विनिता सवान व शहीद हवलदार गोपाल लिंबू की पत्नी अनीता लिंबू भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। साथ ही पल्टन के सभी पूर्व सैनिकों के परिवार भी उपस्थित रहे।
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गोरखाली सुधार में आयोजित कार्यक्रम में शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन दल बहादुर लिंबू और सेना मेडल ऑनरेरी कैप्टन गोपाल तामांग ने पल्टन के शौर्य के बारे में बताया कि पल्टन ने कई युद्धों में विजय प्राप्त की है। कारगिल युद्ध में भी पल्टन के सैनिकों ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए और बटालिक हिल में तिरंगा फहराकर विजय का संदेश दिया। इसके बाद पल्टन को ब्रवेस्ट ऑफ द ब्रेव की उपाधि दी गई। इस दौरान वीर नारियों को शॉल ओढ़ा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर शहीद नायब सूबेदार हरीश चंद सावन की पत्नी विनिता सवान व शहीद हवलदार गोपाल लिंबू की पत्नी अनीता लिंबू भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। साथ ही पल्टन के सभी पूर्व सैनिकों के परिवार भी उपस्थित रहे।
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