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जगद्गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य की अस्थियां गंगा में विसर्जित, भावुक हुए बाबा रामदेव 

Mon, 25 Feb 2019 08:33 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 25 Feb 2019 08:33 AM IST
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बाबा रामदेव

जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज की अस्थियां वैदिक रीति रिवाज के साथ कनखल के सती घाट पर गंगा में विसर्जित कर दी गई। इस दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव सहित बड़ी संख्या में संत और उनके अनुयायी मौजूद रहे। संतों ने उन्हें आध्यात्मिक जगत की महान विभूति बताया। इस दौरान वे भावुक भी हो गए। 

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रविवार की सुबह आश्रम से जुड़े अनुयायियों ने खड़खड़ी शमशान घाट पहुंचकर स्वामी हंसदेवाचार्य की अस्थियां एकत्र की। जहां से उन्हें आश्रम लाया गया। इस दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव विशेष रूप से श्रद्धांजलि देने के लिए आश्रम पहुंचे। बाद में सभी संत अस्थियों को लेकर सती घाट आए।
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जहां वैदिक कर्मकांड के साथ अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया गया। ब्रह्मलीन जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य के शिष्य अरुणदास और लोकेश दास ने अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया। 

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इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जगद्गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज अध्यात्मिक जगत की महान विभूति थे। वे राम मंदिर आंदोलन की मौजूदा प्रक्रिया से भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे। बाबा रामदेव ने कहा कि समय समय पर उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।

उन्होंने कहा कि जगद्गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज के जो भी संकल्प हैं उन्हें पूरा कराने में समूचा संत समाज सहयोग करेगा। उनके आश्रमों की गतिविधियों को संचालित कराने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

जयराम आश्रम के अधिष्ठाता ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने भी ब्रह्मलीन संत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए बहुत योगदान किया। इस दौरान स्वामी हरिचेतनानंद, बाबा हठयोगी, सतपाल ब्रह्मचारी, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महावीर वशिष्ठ, महंत कमलदास, महंत ईश्वरदास, गौरी शंकर दास, महंत दिलीनदास, धर्मदास, मनोज महंत, अनिल मिश्रा आदि मौजूद रहे। 

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