{"_id":"5a87c3484f1c1bca798ba149","slug":"jacob-zuma-gupta-brothers-haridwar-connection","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"द. अफ्रीका में राजनीतिक उथल-पुथल करने वाले गुप्ता बंधुओं ने हरिद्वार थाने में गुजारा था एक घंटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
द. अफ्रीका में राजनीतिक उथल-पुथल करने वाले गुप्ता बंधुओं ने हरिद्वार थाने में गुजारा था एक घंटा
कुणाल दरगन, अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 18 Feb 2018 08:02 AM IST
विज्ञापन
gupta brothers
- फोटो : parstoday
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर से ताल्लुक रखने वाले जिन एनआरआई गुप्ता बंधुओं से करीबी संबंधों के चलते दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा को इस्तीफा देना पड़ा है उन बंधुओं को कनखल (हरिद्वार) थाने में करीब एक घंटा गुजारना पड़ा था।
विज्ञापन
हालांकि यह मामला तीन साल पहले का है। दोनों दयानंद स्टेडियम में हेलीकाप्टर उतारने की अनुमति नहीं दिखा पाए थे। तत्कालीन हरीश रावत सरकार के हिलने पर इस पूरे प्रकरण की गाज पीसीएस अधिकारी केके मिश्रा पर गिरी थी।
विज्ञापन
गुप्ता बंधुओं का रसूख ही कहेंगे कि उन्हें छुड़ाने के लिए जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि को खुद कनखल थाने आना पड़ा था।
गुप्ता बंधुओं का एक करीबी रिश्तेदार हरीश रावत सरकार में दर्जाधारी भी रह चुका है
harish rawat
ये मामला वर्ष 2015 का है। तब कनखल पुलिस को सूचना मिली थी कि हरिद्वार-दिल्ली हाईवे से सटे दयानंद स्टेडियम में एक हेलीकाप्टर बिना अनुमति के लैंड हुआ है।
उस समय एसओ रहे रितेश शाह ने पुलिस टीम के साथ दयानंद स्टेडियम की घेराबंदी की। उसके बाद उन्होंने हेलीकाप्टर से उतरे सहारनपुर के एनआरआई गुप्ता बंधुओं से हेलीकाप्टर उतारने की अनुमति मांगी, लेकिन वह दिखा नहीं पाए थे।
इस पर एसओ गुप्ता बंधुओं को अपने सरकारी वाहन में बैठाकर थाने लेकर पहुंचे थे। पूरे प्रकरण के दौरान सामने आया था कि गुप्ता बंधुओं ने हेलीकाप्टर उतरने की अनुमति का फैक्स सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय कर दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। चूक होने पर सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा का तबादला कर दिया गया। गुप्ता बंधुओं का एक करीबी रिश्तेदार हरीश रावत सरकार में दर्जाधारी भी रह चुका है।
उस समय एसओ रहे रितेश शाह ने पुलिस टीम के साथ दयानंद स्टेडियम की घेराबंदी की। उसके बाद उन्होंने हेलीकाप्टर से उतरे सहारनपुर के एनआरआई गुप्ता बंधुओं से हेलीकाप्टर उतारने की अनुमति मांगी, लेकिन वह दिखा नहीं पाए थे।
इस पर एसओ गुप्ता बंधुओं को अपने सरकारी वाहन में बैठाकर थाने लेकर पहुंचे थे। पूरे प्रकरण के दौरान सामने आया था कि गुप्ता बंधुओं ने हेलीकाप्टर उतरने की अनुमति का फैक्स सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय कर दिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। चूक होने पर सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा का तबादला कर दिया गया। गुप्ता बंधुओं का एक करीबी रिश्तेदार हरीश रावत सरकार में दर्जाधारी भी रह चुका है।