नंदा देवी पर्वत से पर्वतारोहियों के शवों को रेस्क्यू करने वाले आईटीबीपी के जवानों का होगा सम्मान
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नंदा देवी ईस्ट में लापता सात पर्वतारोहियों के खोजने वाले भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जांबाजों का सोमवार को दिल्ली आईटीबीपी मुख्यालय में सम्मान होगा। बल के महानिदेशक एसएस बेसवाल दल को सम्मानित करेंगे।
13 मई को मुनस्यारी से नंदा देवी ईस्ट गए सात विदेशी और एक भारतीय पर्वरोही अभियान के दौरान लापता हो थे। लापता पर्वतारोहियों की खोज के लिए एवरेस्ट विजेता आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में 13 जून से 11 सदस्यीय टीम ने खोज अभियान चलाया था।
कुछ दिन पूर्व सात पर्वतारोहियों के शव टीम ने खोज निकाले थे। इनमें से सात पर्वतारोहियों के शव सकुशल वायु सेना के हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी पहुंचाए थे। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में मृत पर्वतारोहियों का पोस्टमार्टम हुआ था। पर्वतारोही दल के लीडर ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन का शव बरामद नहीं हुआ है।
रविवार दोपहर खोज दल में शामिल सभी सदस्य नंदा देवी बेस कैंप के पास बनाए गए अस्थायी हेलीपैड से वायु सेना के हेलीकॉप्टर जरिए पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से टीम लीडर सोनाल के साथ ही सभी सदस्य वाहनों से दिल्ली रवाना हो गए।
टीम सोमवार को आईटीबीपी के डीआईजी (बरेली क्षेत्र) एपीएस निम्बाडिया के नेतृत्व में दिल्ली में आईटीबीपी के डीजी एस एस बेसवाल से मिलेगी। बल के डीआईडी निंबाडिया ने बताया कि दोपहर तीन बजे बल के महानिदेशक बेसवाल खोज बचाव दल के सदस्यों को सम्मानित करेंगे। यह अभियान दुनिया का पहला अभियान है, जिसमें बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को खोज निकाला गया है।