चमोली में भारत-चीन सीमा पर बनेगी आईटीबीपी की चौकी, 24 घंटे रहेगी निगरानी
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चीन सीमा पर चौकसी के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को भूमि प्रत्यावर्तित करने के लिए राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। वन विभाग द्वारा जारी एक आदेश में 2.02 हेक्टेयर की भूमि आईटीबीपी को कुछ शर्तों के साथ देने की बात कही गई है। जानकारों की मानें तो इससे चीन सीमा पर निगरानी और बेहतर होगी।
भारत और चीन के बीच इन दिनों तनाव सुर्खियों में हैं। दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के बीच सीमाओं की सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड के तमाम जिले भी चीन सीमा से जुड़े हैं।
यही नहीं पिथौरागढ़ जिले से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जत्थे रवाना किए जाते हैं। चीन सीमा से जुड़े सभी जिलों में इन दिनों आईटीबीपी समेत अन्य सुरक्षा बलों ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।
भू-वैज्ञानिकों के सुझाव भी आईटीबीपी को मानने होंगे
इसी बीच उत्तराखंड के चमोली जनपद के गोटिंग में नई सीमा चौकी की स्थापना किए जाने के आईटीबीपी के प्रस्ताव को आनन-फानन में मंजूरी दे दी गई है। वन विभाग की यह 2.02 हेक्टेयर भूमि आईटीबीपी को इस शर्त के साथ हस्तांतरित करने पर सहमति बन गई है कि इस भूमि की वर्तमान वैधानिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
इस भूमि के बदले आईटीबीपी को एक निर्धारित भूमि पर क्षतिपूरक वनीकरण का काम करना होगा। इसके अलावा जनपद कार्य बल की संस्तुतियों एवं भू-वैज्ञानिकों के सुझाव भी आईटीबीपी को मानने होंगे।
यहां मजदूरों और स्टाफ के लिए किसी प्रकार का कैंप लगाने पर भी पाबंदी होगी। प्रत्यावर्तन के बावजूद वन विभाग को इस भूमि में प्रवेश करने एवं निरीक्षण करने का अधिकार होगा।