नंदा देवी फतह के दौरान लापता चार विदेशी पर्वतरोहियों को किया रेस्क्यू, आठ का अभी भी नहीं मिला सुराग
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नंदा देवी ईस्ट चोटी अभियान के दौरान बेस कैंप में फंसे चार विदेशी पर्वतारोहियों को एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ लाया गया। जिला अस्पताल में परीक्षण के दौरान चारों स्वस्थ पाए गए। इस मिशन में लापता हुए आठ अन्य पर्वतारोहियों का दूसरे दिन भी कुछ पता नहीं चल पाया। ढूंढखोज के लिए दोबारा गए हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण लौटना पड़ा।
मौसम साफ होने पर सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाया जाएगा। वहीं, मुनस्यारी तहसील के आपदा कंट्रोल रूम की सूचना के अनुसार मपांग के पास मुनस्यारी मिलम पैदल मार्ग पर आईटीबीपी का सामान ले जा रहे एक पोर्टर की मौत हो गई है। पोर्टर की शिनाख्त नहीं हो पाई है। तहसील प्रशासन टीम को मपांग भेजने की तैयारी कर रही है
13 मई को मुनस्यारी से पर्वतारोहियों का 13 सदस्यीय दल नंदा देवी ईस्ट चोटी फतह करने के लिए निकला था। यूएसए का एक पर्वतारोही मैथ्यू जैम्स पॉवेल स्वास्थ्य खराब होने के कारण मार्ग से लौट आया था। बताया जा रहा है कि बेस कैंप पहुंचने के बाद पर्वतारोहियों ने चार और आठ सदस्यीय दो दल बनाकर चढ़ाई शुरू की। दोनों दलों को 25 मई
को बेस कैंप लौटना था। चार सदस्यीय दल निर्धारित तिथि को बेस कैंप में लौट आया।
लेकिन दूसरे दल के आठ सदस्यों के निर्धारित तिथि के चार दिन बाद भी बेस कैंप नहीं लौटने पर पहले दल के सदस्यों ने सेटेलाइट फोन से 31 मई को इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन को इसकी सूचना दी। आठ सदस्यीय दल के जो सदस्य लापता हैं उनमें ब्रिटेन निवासी लीडर मार्टिन मोरिन, ब्रिटेन के ही पर्वतारोही जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय शामिल है।
चार पर्वतारोहियों के बर्फ में दबने की सूचना
पर्वतारोहियों का नेतृत्व कर रहीं दिल्ली की हिमालयन रन एंड ट्रैक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सचिव कर्नल विजय सिंह की ओर से पर्वतारोहियों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद आठों की ढूंढखोज शुरू की गई। पहले दिन मौसम खराब होने के कारण लापता और सूचना देने वाले पर्वतारोहियों की ढूंढखोज नहीं की जा सकी। रविवार को जिलाधिकारी डा.विजय कुमार जोगदंडे और पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु के संयुक्त निर्देशन में फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को सर्च अभियान के दौरान सूचना देने वाले चार पर्वतारोही बेस कैंप में फंसे मिले। हेलीकॉप्टर से चारों पर्वतारोहियों फिलिप मार्क थॉमस, लेन बेड, जेचरी जोसेफ क्वीन और महिला पर्वतारोही कैथरीन जेन आर्मस्ट्रांग को पिथौरागढ़ में सेना के हेलीपैड पर लाया गया। यहां से सभी को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल में डॉ.एसएस कुंवर ने आईसीयू में चारों पर्वतारोहियों की जांच की जहां सभी स्वस्थ पाए गए। इसके बाद चारों पर्वतारोहियों को भारत तिब्बत सीमा पुलिस के गेस्ट हाउस में ले जाया गया।
इधर लापता हुए आठों सदस्यों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। मौसम खराब होने से हेलीकॉप्टर से सर्च अभियान रोकना पड़ा। जिलाधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि लापता आठ सदस्यों की ढूंढखोज के लिए अभियान जारी रहेगा। मौसम में सुधार होते ही सोमवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोगडियार में भी एसडीआरएफ की एक टीम जरूरी सुविधाओं के साथ मौजूद है।
पोलैंड के दस सदस्यीय दल को मर्तोली में रोका
नंदा देवी ईस्ट चोटी में पर्वतारोहण के दौरान आठ पर्वतारोहियों के लापता होने और उच्च हिमालयी क्षेत्र में हो रहे हिमस्खलन की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन ने पर्वतारोहण के लिए नंदा देवी चोटी को जा रहे पोलैंड के दस सदस्यीय दल को मर्तोली में रोक दिया है। इस दल को सोमवार को वापस बुलाया जाएगा।
28 मई को पोलैंड के पर्वतारोहियों का दस सदस्यीय दल नंदा देवी पर्वतारोहण के लिए रवाना हुआ था। जिला प्रशासन ने पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए इस दल को मर्तोली नामक स्थान पर रोक दिया है। इस दल को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डा.विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि पोलैंड के पर्वतारोही दल को शनिवार को ही मर्तोली में रोक दिया गया था। दल के सभी सदस्यों को वापस बुलाया गया है।
Uttarakhand: Indo-Tibetan Border Police with the help of Indian Air Force has rescued four climbers from Nanda Devi Base Camp. The climbers have been brought to Pithoragarh. pic.twitter.com/9gSeNMPIL0— ANI (@ANI) June 2, 2019