नेपाल में हो रही इस हलचल से बॉर्डर पर ITBP अलर्ट
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आईटीबीपी सातवीं वाहिनी ने नेपाल के पोनी और पोर्टर्स पर छियालेख से आगे जाने पर रोक लगा दी है। अखिल नेपाल क्रांतिकारी छात्र संगठन के कालापानी और लिपुलेख कूच को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब आईटीबीपी छियालेख स्थित पोस्ट में चेकिंग कर रही है।
कैलास मानसरोवर यात्रियों के साथ जाने वाले पोनी और पोर्टर्स की विशेष चेकिंग की जा रही है। एसडीएम की ओर से जारी परमिट होने के बाद भी पोनी और पोर्टर्स को छियालेख से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
बुधवार को जब कैलास मानसरोवर यात्रियों का 15वां दल छियालेख पहुंचा तो यात्रियों को सघन चेकिंग की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। आईटीबीपी के सेनानी केदार सिंह रावत ने बताया कि नेपाल के कुछ संगठनों ने कालापानी और लिपुलेख कूच का आह्वान किया है।
इसे देखते हुए सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि गुंजी से लेकर छियालेख तक अब आईटीबीपी की गश्त तेज कर दी गई है। किसी भी स्तर पर विरोधी गतिविधियों को नहीं होने दिया जाएगा।
नेपाल के नौजवान गुपचुप रणनीति में लगे
अखिल नेपाल क्रांतिकारी छात्र संगठन के साथ जुड़े नौजवान गुपचुप रणनीति बनाने में लगे हैं। नेपाल से मिली जानकारी में कहा गया है कि नौजवान अलग-अलग स्थानों पर बैठक कर कालापानी और लिपुलेख कूच की तैयारी में हैं।
अभी यह तय नहीं है कि यह कूच किस दिन होगा। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल के छात्र संगठन की गतिविधियों पर बराबर नजर रखे हुए हैं।
एसडीएम ने गुंजी का दौरा किया
नेपाल के नौजवानों के आह्वान के बाद एसडीएम पारितोष वर्मा ने बुधवार को हेलीकाप्टर से गुंजी जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
एसडीएम ने गुंजी में तैनात सुरक्षा बलों के अधिकारियों से बातचीत में स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। एसडीएम ने कहा कि सारी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद हैं।
स्थानीय लोगों के लिए न किए जाएं प्रतिबंध
गुंजी और गर्ब्यांग क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम से मुलाकात कर स्थानीय लोगों के लिए छियालेख पार करते समय ज्यादा प्रतिबंध न लगाने की मांग की।
लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान की ओर से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर ही स्थानीय लोगों को छियालेख से आगे जाने दिया जाए। डीएम ने भी इस आशय के आदेश जारी किए हैं।