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बस कंपनी के ऑफिस पर आईटी का सर्वे, हड़कंप
आफताब अजमत / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:13 PM IST
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आयकर विभाग
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आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को आईएसबीटी परिसर में स्थित एक बस कंपनी के ऑफिस में सर्वे किया। वहीं, जीएमएस रोड में रहने वाले कंपनी के जीएम के आवास पर भी आयकर विभाग की टीम पहुंची।
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इस दौरान टीम ने कार्यालय में मौजूद रजिस्टर और अन्य अभिलेख जब्त कर लिए। अचानक हुई कार्रवाई से आईएसबीटी परिसर में हड़कंप मच गया। कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।
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आयकर विभाग की टीम, एक बस कंपनी के सर्वेक्षण को आईएसबीटी पहुंची। टीम को देख कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों के होश उड़ गए। टीम ने सभी को कमरे में पूछताछ के लिए रोक लिया। इस दौरान न तो किसी कर्मचारी को बाहर जाने दिया गया और न ही किसी को अंदर। कार्यालय के बाहर पुलिस को देख वहां मौजूद लोगों की भीड़ लग गई।
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करीब दस घंटे चली जांच के बाद आयकर विभाग ने कार्यालय में मौजूद रजिस्टर व अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया। कंपनी के मैनेजर ने बताया कि कंपनी की ओर से अभिलेखों में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं की है।
कैश काउंटर का कैमरा खोलेगा काले धन का राज
नोटबंदी के बाद खातों में मोटा कैश जमा कराने वाले लोगों के काले धन का सच अब बैंकों के कैश काउंटर का सीसीटीवी खोलेगा। जो लोग नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं, उनसे निपटने के लिए वित्त मंत्रालय ने सख्ती से निपटने के निर्देश जारी किए हैं। आयकर विभाग को एक्ट के हिसाब से ऐसे लोगों का सर्वे करने को कहा गया है।
वित्त मंत्रालय के ताजा निर्देशों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपने खाते में जमा हुए कैश पर आयकर विभाग के नोटिस का ऑनलाइन या ऑफलाइन जवाब नहीं देता है तो आयकर विभाग उनके पैन कार्ड के आधार पर उसका सर्वेक्षण करेगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 133(6) के तहत आयकर विभाग के अधिकारी यह कार्रवाई करेंगे।
एक्ट के सेक्शन 133 ए के तहत वह वेरिफिकेशन करेंगे। इसमें संबंधित बैंक के कैश काउंटर पर लगे कैमरे की फुटेज की भी पड़ताल की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज और जमा हुए कैश के आधार पर संबंधित पैन कार्ड धारक को ही दोषी मानकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वेरिफिकेशन में समयसीमा जरूरी
वित्त मंत्रालय ने खातों में पांच लाख या इससे अधिक कैश जमा कराने वाले जिन लोगों को नोटिस जारी हुआ है, आयकर विभाग के लिए उनके वेरिफिकेशन की समय सीमा भी तय कर दी है। मंत्रालय के मुताबिक ऐसे मामलों का जल्द से जल्द वेरिफिकेशन किया जाए, ताकि ऐसे कैश को प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के तहत जमा कराया जा सके।