ISI एजेंट इजाज का खुलासा, हरिद्वार पर है आतंक का साया
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अर्द्धकुंभ में आतंकियों की नजर है। हरिद्वार अर्द्धकुंभ के बारे में आतंकियों ने काफी जानकारियों जुटाई हैं। आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में लगे हैं।
आईएसआई एजेंट यूपी के मेरठ निवासी इजाज अली से पूछताछ करने मेरठ गई एसटीएफ देहरादून को शनिवार को यह खुफिया जानकारी आतंकी ने दी है। बता दें सितंबर महीने में आईएसआई एजेंट इजाज अली को दबोचा गया था। पूछताछ के लिए मेरठ गई देहरादून एसटीएफ की एक टीम को पूछताछ में आतंकी ने खुफिया जानकारी दी।
एसटीएफ यह जानकारी जुटा रही है कि आतंकी अर्द्धकुंभ में किस तरह की वारदात को अंजाम देना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि इजाज ने पूछताछ में हरिद्वार अर्द्धकुंभ की जानकारी एसटीएफ को दी है। दून एसटीएफ की टीम ने मेरठ एसटीएफ के अधिकारियों से भी आतंकी से अब तक मिली जानकारियों को भी जुटा रही है।
नेपाल में बैठे इजाज के साथियों पर नजर
अरविंद उपाध्याय/ अमर उजाला, हल्द्वानी
मेरठ से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार आईएसआई एजेंट इजाज का मकसद यूपी और उत्तराखंड में तबाही मचाना था। इन प्रदेशों में तबाही मचाने के बाद वह स्लीपिंग माड्यूल के सहारे उत्तराखंड सीमा से नेपाल भागने की फिराक में था।
उसने नेपाल के तराई इलाके को भागने के लिए सेफ जोन बनाया था। नेपाल में आईएसआई की मदद करने के लिए दाऊद इब्राहिम कासकर ग्रुप तैयार बैठा है। आईबी को यह इनपुट मिलने के बाद उनकी टीमें नेपाल में बैठे इजाज के साथियों और दाऊद ग्रुप (डी ग्रुप) के लोगों का मकसद भांपने में लगी हैं।
इजाज ने सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष खुलासा कर दिया है कि उसके रिश्ते पाकिस्तान में दाऊद के रिश्तेदार और प्रसिद्ध पाक क्रिकेटर शाहिद आफरीदी से भी है। इजाज के भाई फहद की तस्वीरें भी क्रिकेटर के साथ सुरक्षा अधिकारियों ने देखा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नेपाल में इजाज के कौन-कौन से लोग हैं।
क्योंकि नेपाल दाऊद और आतंकियों के लिए वर्तमान समय में सबसे महफूज ठिकाना हो गया है। पहले भी पूर्वांचल से फरार 10 आतंकियों को आईएसआई ने नेपाल में ही रखा था।
भागने के लिए नेपाल है आसान रास्ता
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पश्चिमी बंगाल की सीमा घुसने के लिए आसान है तो नेपाल भागने के लिए। आईएसआई का सहयोगी डी ग्रुप नकली नोटों और अपने आपराधिक कृत्यों के चलते यूपी, मुंबई दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड में अपने जड़े जमाए हैं।
उत्तराखंड में डी ग्रुप अपने नेटवर्क के जरिये नकली नोटों का कारोबार का कारोबार फैलाए हैं। पिछले दिनों अंबाला (पंजाब) में पकड़े गए जाली नोट के सौदागरों ने एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) के समक्ष इस तथ्य की पुष्टि कर दी है।
आईएसआई ने अपने नेटवर्क को फैलाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक स्लीपिंग माड्यूल तैयार कर रखा है जो समय-समय पर उसकी मदद करते रहते हैं। पता चला है कि ढाका (बांग्लादेश) में अड्डा जमाए आईएसआई एजेंट शमीम ने इजाज को बार्डर पार कराया था।
क्या है स्लीपिंग माड्यूल
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आईएसआई और आतंकियों के मददगार को स्लीपिंग माड्यूल कहलाते हैं। इनका काम एजेंटों को रास्ते दिखाना और उनके लिए आर्थिक मदद पहुंचाना होता है। स्लीपिंग माड्यूल हमेशा सक्रिय नहीं रहते हैं।
कुमाऊं रेंज में आईएसआई एजेंट इजाज नहीं आया था, लेकिन संदिग्धों की तलाश करने के लिए ऊधमसिंह नगर समेत सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। इस मामले में स्थानीय खुफिया एजेंसी भी जांच कर रही है।
- पीएस सैलाल, डीआईजी रेंज कुमाऊं