{"_id":"62a0f763908875271677dd9b","slug":"irrigation-problem-in-front-of-farmers-due-to-closure-of-hydrum-scheme-vikas-nagar-news-drn4140480166","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईड्रम योजना के बंद होने से किसानों के सामने सिंचाई की दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईड्रम योजना के बंद होने से किसानों के सामने सिंचाई की दिक्कत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उदपाल्टा गांव के किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई गई हाईड्रम जल परियोजना पिछले एक साल से बंद है। योजना के बंद होने से किसानों के सामने खेतों की सिंचाई का गंभीर संकट पैदा हो गया है। किसानों ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना को चालू कराने की मांग की है।
उदपाल्टा व कुरोली क्षेत्र के किसानों की सुविधा के लिए लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से बुहार खेडा नामक स्थान पर हाईड्रम योजना का निर्माण कराया गया था। लेकिन तकनीकी कारणों से पिछले एक साल से योजना बंद पड़ी हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण खेती प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के किसान अर्जुन सिंह, रणवीर सिंह, राजू निराला, वीरेंद्र सिंह, अजब सिंह, मुकेश, सिया राम का कहना है कि दो साल पहले योजना की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन, उसके कुछ महीने बाद ही योजना बंद हो गई। योजना के बंद होने से क्षेत्र के टमाटर, आलू, खीरा, धनिया, प्याज समेत पचास से अधिक उत्पादों के लिए सिंचाई के लिए पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना को चालू कराने की मांग की है।
विभाग के अवर अभियंता प्रवीन तोमर ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के मौसम में हाईड्रम योजना की मशीनें मलबे में दब गई थी, योजना को ठीक कराने के लिए जिला प्लान में प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है शीघ्र ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उदपाल्टा व कुरोली क्षेत्र के किसानों की सुविधा के लिए लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से बुहार खेडा नामक स्थान पर हाईड्रम योजना का निर्माण कराया गया था। लेकिन तकनीकी कारणों से पिछले एक साल से योजना बंद पड़ी हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण खेती प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के किसान अर्जुन सिंह, रणवीर सिंह, राजू निराला, वीरेंद्र सिंह, अजब सिंह, मुकेश, सिया राम का कहना है कि दो साल पहले योजना की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए लेकिन, उसके कुछ महीने बाद ही योजना बंद हो गई। योजना के बंद होने से क्षेत्र के टमाटर, आलू, खीरा, धनिया, प्याज समेत पचास से अधिक उत्पादों के लिए सिंचाई के लिए पानी मयस्सर नहीं हो रहा है। उन्होंने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना को चालू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विभाग के अवर अभियंता प्रवीन तोमर ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के मौसम में हाईड्रम योजना की मशीनें मलबे में दब गई थी, योजना को ठीक कराने के लिए जिला प्लान में प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है शीघ्र ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी।
विज्ञापन