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पीएम दरबार पहुंचा आईसीएफआरई का मामला
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 03 May 2014 05:58 PM IST
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इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च एंड एजुकेशन (आईसीएफआरई) में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के ऑडिट और मीडिया में आ रही सुर्खियों की शिकायत अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक पहुंच गई है।
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संस्थान से जुड़े वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों ने शुक्रवार को इसकी शिकायत पीएम सहित मंत्रालय के सभी आला अधिकारियों को भेजी।
भेजा शिकायती पत्र
फॉरेस्ट साइंटिस्ट एसोसिएशन और टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन ने एक शिकायती पत्र केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सचिव डा. वी राजगोपालन को भेजा है।
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पत्र में उन्होंने बताया कि अमर उजाला में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों में संस्थान में ऑडिट अनियमितताओं के खुलासे से संस्थान की साख सवालों के घेरे में है। संस्थान से जुड़े लोगों का भरोसा भी कम हो रहा है।
हो सकती है फंडिंग की समस्या
कहा गया कि वैज्ञानिकों को कई विदेशी शोध प्रोजेक्ट भी मिलते हैं। ऐसे में फंडिंग एजेंसियों से नुकसान की आशंका है। एसोसिएशन के सचिव डा. अशोक कुमार और टेक्निकल एसोसिएशन के सचिव सीएम शर्मा का कहना है कि संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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उन्होंने आईसीएफआरई की अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। यह पत्र पीएम मनमोहन सिंह के अलावा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री वीरप्पा मोईली, केंद्रीय विजिलेंस कमीशन, कैबिनेट सेक्रेटरी सहित तमाम आला अधिकारियों को भेजी गई है।
गौरतलब है कि सीएजी के ऑडिट में आईसीएफआरई से जुड़े नौ संस्थानों और चार केंद्रों में भारी वित्तीय अनियमितताएं और डेपुटेशन के खेल की सिलसिलेवार खबरें अमर उजाला ने प्रकाशित की हैं।