{"_id":"3392470403b5a3ae9a465b917a7fac10","slug":"irani-princes-pearl-love-remember-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेलेंटाइन डे पर दीवानों को याद आईं प्रिंसेज पर्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेलेंटाइन डे पर दीवानों को याद आईं प्रिंसेज पर्ल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 15 Feb 2015 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेलेंटाइन डे यानी प्रेम पर्व पर दून के प्रेम करने वाले इतिहास के पन्नों में गुम हुए प्रेम दीवानों को भी याद करना नहीं भूले। उन्होंने एक बार फिर ताजा की प्रिंसेज पर्ल की यादें। प्रिंसेज पर्ल, यानी तेहरान की राजकुमारी।
विज्ञापन
दून में बनी है कब्र
1823 में जन्मीं पर्ल ने परिजनों के तमाम विरोध के बावजूद अपना नाम एलिजाबेथ रख ईस्ट इंडिया कंपनी के एक एकाउंटेंट फ्रेडरिक से शादी रचा ली।
1888 में मौत के बाद इन्हें चंदर रोड स्थित सेंट जोंस की सीमेट्री में प्रेमी, पति फ्रेडरिक की बगल में ही दफनाया गया। इन प्रेमियों की कब्रों पर शनिवार को दून के प्रेम पंछी भी फूल चढ़ाने पहुंचे।
विज्ञापन
पर्ल के पिता ने ली थी कोलकाता में शरण
प्रिंसेज पर्ल के पिता मीर मोहम्मद यार खान सिंध केराजा मीर नासिर खान के भाई थे। लार्ड एलनबफ ने उनका राज हड़प लिया। लिहाजा, नासिर को यार खान संग कोलकाता में शरण लेनी पड़ी थी।
विज्ञापन
बेटी ने भी किया था प्रेम विवाह
एलिजाबेथ ने 1845 में एक बेटी मेरी को जन्म दिया। उसका बचपन बेहद लाड़-चाव में गुजरा। युवावस्था में मेरी को भी एक युवक एंड्रयू से प्रेम हुआ और उसने शादी रचा ली, लेकिन इनकी मौत एलिजाबेथ से पहले ही हो गई थी।