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आईरेड मोबाइल एप: इस विशेष मोबाइल एप के जरिये हादसों की मिलेगी तत्काल जानकारी 

Thu, 11 Nov 2021 01:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 11 Nov 2021 01:47 PM IST
सार

सड़क हादसों का विस्तृत डाटा तैयार किया जा सके और हादसों के इन डाटा के आधार पर तमाम सुरक्षात्मक योजनाएं बनायी जा सके। इसके लिए मंत्रालय की पहल पर उत्तराखंड के सभी जिलों में एनआईसी में विशेषज्ञों की तैनाती भी कर दी गई है।

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iRAD Mobile App: with this special mobile app you will get instant information about accidents
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

राजधानी दून के अलावा राज्य के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में सड़क हादसा होने की स्थिति में तत्काल हादसे की जानकारी अब सरकार, शासन के आला अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों से साझा की जा सकेगी। हादसे से जुड़ी जानकारियों को तत्काल साझा किया जा सके और राहत अभियानों में तेजी लाई जा सके, इसके लिए केंद्रीय भूतल, सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से आईरेड मोबाइल एप तैयार किया गया है। 

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सभी जिलों में एनआईसी में विशेषज्ञों की तैनाती भी
सड़क हादसों का विस्तृत डाटा तैयार किया जा सके और हादसों के इन डाटा के आधार पर तमाम सुरक्षात्मक योजनाएं बनायी जा सके। इसके लिए मंत्रालय की पहल पर उत्तराखंड के सभी जिलों में एनआईसी में विशेषज्ञों की तैनाती भी कर दी गई है। सड़क हादसों से जुड़ी तमाम जानकारी को तत्काल पुलिस, आमजन के साथ ही पुलिस-प्रशासनिक और परिवहन विभाग के अधिकारी आईरेड मोबाइल एप के जरिये साझा कर सकें। इसे लेकर पुलिस, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी ने बताया कि आईरेड मोबाइल एप के शुरू होने के बाद सड़क हादसों की तत्काल जानकारियां मिल सकेंगी। हादसों का विस्तृत डाटा तैयार कर इस बात की भी जानकारी जुटायी जाएगी कि किन-किन इलाकों में सड़क हादसे अधिक हो रहे हैं? उनकी क्या वजहें हैं? सारा ब्योरा जुटाने के बाद ही सड़क हादसों को कम करने को लेकर तमाम एहतियाती कदम उठाए जा सकेंगे।

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राज्य में हर साल हो रहे औसतन 1322 सड़क हादसे, 838 की मौत

परिवहन विभाग के ही आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड में पिछले छह साल के भीतर 7993 हादसे हुए, जिसमें 5028 लोगों की जान जा चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में हर साल औसतन 1322 हादसे हो रहे हैं, जिसमें औसतन आठ सौ से ज्यादा लोगों की जान जा रही है।

जहां तक पूरे देश का सवाल है तो देश में हर साल सड़क हादसों में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर घंटे 53 सड़क हादसे हो रहे हैं। जिसमें करीबन 17 लोगों की मौत हो रही है। जो काफी बड़ा आंकड़ा है। 

बता दें कि पूरे देश में सड़क हादसों को रोकने को लेकर सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी गठित की गई है जो तमाम राज्यों के साथ आला अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क हादसों को कम करने को लेकर तमाम कदम उठा रही है। जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। लेकिन हादसों को कम करने को लेकर अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। 

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