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उत्तराखंड में आईपीएस प्रतिनियुक्ति मामला: गृह सचिव के खिलाफ कैट में अवमानना याचिका दाखिल, सात मई को सुनवाई
Fri, 24 Apr 2026 10:17 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:17 PM IST
सार
कैट में मामले को उठाया तो गत सात अप्रैल को कैट ने दोनों अधिकारियों को राहत देते हुए प्रतिनियुक्ति पर रोक लगाते हुए अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। कैट के इस आदेश पर गृह विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया।
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आईपीएस अरुण मोहन जोशी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आईपीएस अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति आदेश पर लगाई गई केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की रोक के आदेश का गृह विभाग ने पालन नहीं किया है। इसके चलते अब आईपीएस अरुण मोहन जोशी की ओर से शुक्रवार को कैट में गृह सचिव शैलेश बगौली के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की है।
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कैट की पीठ इस मामले में सात मई को सुनवाई करेगी। दोनों वरिष्ठ अधिकारी इस वक्त आईजी रैंक पर हैं। गत पांच मार्च को केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के आदेश जारी किए थे।
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इनमें आईजी नीरू गर्ग को आईटीबीपी और अरुण मोहन जोशी को बीएसएफ में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था। अगले ही दिन राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया। इसके विरोध में ये अधिकारी हाईकोर्ट चले गए मगर वहां से उन्होंने कैट जाने की सलाह दी गई।
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इस पर अधिकारियों ने कैट में मामले को उठाया तो गत सात अप्रैल को कैट ने दोनों अधिकारियों को राहत देते हुए प्रतिनियुक्ति पर रोक लगाते हुए अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। कैट के इस आदेश पर गृह विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया। ऐसे में अब आईपीएस अरुण मोहन जोशी की ओर से कैट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है।