पुलिस के साथ पंजाब के यात्री परिवार के साथ हाथापाई का वीडियो वायरल, एडीजी ने बैठाई गोपनीय जांच
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पंजाब के यात्री परिवार को बेरहमी से पीटने के वीडियो वॉयरल की एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने दोहरी जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हरिद्वार पुलिस की खूब किरकिरी हुई है।
मारपीट करने वाले पुलिस वालों ने महिलाओं को भी नहीं बक्शा। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जगह स्थानीय पुलिस मामले की लीपापोती में जुटी रही। आखिर प्रकरण पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो एडीजी ने गोपनीय जांच के साथ एसपी सिटी ममता वोहरा को अलग से जांच का जिम्मा सौंपा।
अलकनंदा तिराहे के पास पंजाब के जीरकपुर मोहाली के रहने वाले परिवार का यातायात पुलिस के दारोगा अरविंद राणा से विवाद हुआ था। एसआई ने यात्री परिवार पर उनकी पिटाई करने का आरोप जड़ा था। स्थानीय पुलिस ने यात्री परिवार की दो महिलाएं एवं दो पुरुषों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना के तीन दिन बाद वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे घटनाक्रम से पुलिस पर सवाल खड़े हो गए।
पिटा परिवार हत्या के प्रयास का आरोपी, पुलिस वाले बेदाग
वीडियो में दारोगा की शर्ट के बटन खुले दिख रहे है और भीड़ उसे घेरे हुए है। दूसरे दृश्य में पुलिसवाले यात्री परिवार पर डंडे बरसाते दिख रहे है और महिलाएं चीख पुकार मचाती दिख रही है। इस वीडियो के बाद मानो बवाल ही मच गया था। आनन फानन में हरिद्वार पुलिस लीपापोती में जुट गई थी। वीडियो की गूंज देहरादून तक होने पर एडीजी अशोक कुमार हरकत में आ गए। एडीजी ने बताया कि पूरे प्रकरण की तहकीकात के लिए एक गोपनीय जांच कराई जा रही है। एक जांच एसपी सिटी ममता वोहरा से कराई जा रही है।
पिटा परिवार हत्या के प्रयास का आरोपी, पुलिस वाले बेदाग
पुलिस के निहत्थे यात्री परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दारोगा अरविंद राणा की हत्या करने के प्रयास की धारा शामिल है। वीडियो वायरल होने के बात ये बात किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही। पुलिस के इस आरोप की चर्चा जोर पकड़ रही है। यात्री परिवार ने अगर मारपीट की थी तो पुलिसवालों की मारपीट का तो वीडियो है। दारोगा को पीटने के आरोप में परिवार की गिरफ्तारी हुई तो यात्री परिवार की ओर से दारोगा समेत अन्य पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, जबकि वीडियो वायरल है।