फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   International Youth Day 2020: Uttarakhand Youth Entrepreneur Dr. Shailesh Upreti makes 22-hour back-up battery

International Youth Day: देवभूमि के शैलेश ने अमेरिका में देश का नाम किया रोशन, 22 घंटे बैकअप देने वाली बैटरी बनाई

Wed, 12 Aug 2020 03:29 PM IST
अलका त्यागी भूपाल बोरा, अमर उजाला, सोमेश्वर (अल्मोड़ा)
भूपाल बोरा, अमर उजाला, सोमेश्वर (अल्मोड़ा) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 12 Aug 2020 03:29 PM IST
सार

  • युवा वैज्ञानिक डा. शैलेश की कपंनी ने 22 घंटे बैकअप देने वाली बैटरी बनाई
  • पांच लाख डॉलर का मिला था पुरस्कार
  • यूएस में कई लोगों को रोजगार दिया

विज्ञापन
International Youth Day 2020: Uttarakhand Youth Entrepreneur Dr. Shailesh Upreti makes 22-hour back-up battery
डॉ. शैलेश उप्रेती

विस्तार

पहाड़ के कई युवा विदेशों में नाम कमा रहे हैं। उत्तराखंड की अल्मोड़ा तहसील के मनान क्षेत्र के तल्ला ज्यूला गांव निवासी युवा वैज्ञानिक और उद्यमी डॉ. शैलेश उप्रेती की कंपनी ने 20 से 22 घंटे बैकअप देने वाली बैटरी का निर्माण किया है।

विज्ञापन


जिसके लिए उनकी कंपनी को 2016 में पांच लाख डॉलर पुरस्कार भी मिल चुका है। वह अमेरिका में कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। 2016 में अमेरिका में हुई स्वच्छ तकनीकी व्यापार प्रतियोगिता में उनकी कंपनी सीसीसीवी ने जीती थी।
विज्ञापन


न्यूयार्क के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर कैथलीन होचूल ने डा. शैलेष को पांच लाख डॉलर (साढ़े तीन करोड़ रुपये) का चेक पुरस्कार स्वरूप दिया था। इस प्रतियोगिता में विश्व की 176 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। शैलेष की कंपनी सीसीसीवी वेलिंगटन न्यूयार्क को यह पुरस्कार 20 से 22 घंटे बैकअप देने वाली बैटरी बनाने पर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

तकनीक को पेटेंट कराया

डा. शैलेष ने ऐसी तकनीक को पेटेंट कराया है जो न केवल लिथियम आयन बैटरी के जीवन को 20 साल के लिए बढ़ाती है। बैटरी की भंडारण क्षमता और शक्ति में भी सुधार करती है। इसे सौर ऊर्चा को स्टोर करने के साथ बिजली से चलने वाली कारों, ट्रकों और बस चलाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

उनकी कंपनी करीब दो सौ लोगों को रोजगार भी दे रही है। डा. उप्रेती की प्रारंभिक शिक्षा मनान, उच्च शिक्षा एसएसजे परिसर से हुई। एमएससी रसायन में गोल्ड मेडलिस्ट डा. उप्रेती ने इसके बाद आईआईटी दिल्ली से पीएचडी की उपाधि ली।

उनका फरवरी 2007 में अमेरिका में फैलोशिप के लिए चयन हो गया।  डा. उप्रेती को पहाड़ से काफी लगाव है। उन्होंने बेड़ू पाको डॉट कॉम नाम से वेबसाइट भी बनाई है, जो उनके पहाड़ प्रेम को दर्शाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed