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उत्तराखंडः जागेश्वर में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव शुरू
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Thu, 05 Nov 2015 01:05 PM IST
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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और परमार्थ निकेतन की ओर से जागेश्वर में गुरुवार से जागेश्वर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव शुरू हो गया।
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बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को जागेश्वर धाम के निकट बनाए गए योगस्थल पहुंचकर व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने कहा कि जागेश्वर को चारधाम की तर्ज और योग साधना केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान सीएम ने गरुड़ाबांज में सात नवंबर को होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों का भी जायजा लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी।
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सीएम रावत ने जागेश्वर धाम की बहुत मान्यता है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस क्षेत्र के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां का आध्यात्मिक वातावरण अलौकिक है। इस क्षेत्र को योगस्थल के तौर पर विकसित करने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक और ईको पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।
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श्री रावत ने जिलाधिकारी सविन बंसल से महोत्सव की तैयारियों को लेकर जानकारी ली। डीएम ने बताया कि कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक केएस नगन्याल, उप जिलाधिकारी अनिल चन्याल समेत विभागीय अधिकारी मौजूद थे। बताया गया है कि महोत्सव में 100 से अधिक विदेशी भी योग सीखेंगे।
सीएम ने जागेश्वर धाम में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जागेश्वर धाम में जागनाथ, महामृत्युंजय, पुष्टि देवी आदि मंदिरों में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के पुरोहितों और स्थानीय लोगों से धाम की पवित्रता बनाए रखने को आगे आने का आह्वान किया।
सीएम ने कहा कि जागेश्वरधाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के साथ ही देश की महत्वपूर्ण धरोहर है। सरकार इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने को गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि पलायन रुकने के साथ ही लोगों को रोजगार भी मिल सके।
शानदार और यादगार होगा राज्योत्सव
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को गुरुड़ाबांज में होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरा कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार राज्योत्सव को शानदार और यादगार बनाने का प्रयास कर रही है।
सीएम हरीश रावत हेलीकॉप्टर से करीब 11.00 बजे गुरुड़ाबांज के हेलीपैड पहुंचे। इसके बाद वह तहसील परिसर से लगे मैदान में गए। उन्होंने सात नवंबर को यहां प्रस्तावित राज्योत्सव समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश सांस्कृतिक तौर पर काफी समृद्ध है।
राज्य स्थापना के मौके पर राज्योत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पहाड़ी व्यंजन प्रतियोगिता के माध्यम से सरकार पर्यटन का प्रचार-प्रसार कर रही है। कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगी। श्रीमती गांधी गुरुड़ाबांज में 100 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले हरीराम टम्टा शिल्पोन्नयन एवं प्रशिक्षण संस्थान का शिलान्यास और अल्मोड़ा के उदय शंकर नाट्य अकादमी समेत कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्योत्सव कार्यक्रम में कोई कमी नहीं रह जाए इसी कारण वह स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस मौके पर क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, संसदीय सचिव मनोज तिवारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैंसोड़ा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, एनडी भट्ट, मनोज सनवाल, महेश भट्ट, विजय भट्ट आदि मौजूद थे।
जागेश्वर की जटागंगा में बनेगा बैराज
जागेश्वर धाम क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागेश्वर धाम में जटागंगा नदी में बैराज बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिलाधिकारी को बैराज निर्माण के लिए आगणन तैयार करके शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। जागेश्वर के विकास की महत्वाकांक्षी योजना 15 साल से अधर में है।
2003 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन ने स्वयं यहां आकर क्षेत्र के विकास की दीर्घकालिक योजना तैयार करवाई थी। इस योजना में जटागंगा नदी में झील निर्माण, सुविधा युक्त धर्मशाला, पार्किंग, आरतोला में भव्य स्वागत द्वार समेत अन्य जन सुविधाओं की स्थापना शामिल थी।
शासन ने कई बार सर्वे करके आगणन तैयार किए, लेकिन योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। मंदिरों में दर्शन से पहले जटागंगा नदी में स्नान की धार्मिक मान्यता है। बरसात के अलावा अन्य महीनों में इस नदी का जल स्तर काफी घट जाता है। इससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें होती हैं। मंदिर से कुछ दूरी पर ही श्मशान घाट भी है।
पानी कम होने से शवदाह के बाद बचे कोयले, राख और अधजली लकड़ियों से नदी किनारे गंदगी रहती है। यहां बैराज बन जाने से जहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा वहीं नदी किनारे जमा होने वाली गंदगी से भी निजात मिलेगी।
सीएम के जागेश्वर पहुंचने पर क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने उन्हें जटागंगा नदी में मिनी बैराज बनाने का सुझाव दिया। सीएम ने इस प्रस्ताव पर हामी भरते हुए डीएम सविन बंसल को आगणन तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया।