ऋषिकेश में शुरू हुआ 'योग महाकुंभ', CM ने किया शुभारंभ
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तीर्थनगरी ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम में मंगलवार को योग साधना का महा समागम शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ किया।
अतंरराष्ट्रीय योग महोत्सव के शुभारंभ के मौके पर उत्तराखंड मुंख्यमंत्री के साथ, पर्यटन मंत्री दिनेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, स्वामी चिदानंद मुनी महाराज, पुर्तगाल के मौजी बाबा और ब्राजील के प्रेम बाबा के साथ देश-विदेश से आऐ सैकडों योग साधक मौजूद रहे।
इस दौरान अपने भाषण में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी परियोजनाओं पर कार्य करेगी, जिसमें योग को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही हरीश रावत ने अर्द्घकुंभ के सफल आयोजन पर प्रशासन की तारीफ की।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर स्वामी चिदानंद मुनी महाराज ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को रुद्राक्ष भेट किया।
उधर, परमार्थ निकेतन में मंगलवार को सुबह चार बजे से गतिविधियां शुरु हो गई थीं।। जिसमें योग साधना, ओशे मेडिटेशन, पारंपरिक स्वास्थ्य योग, सूर्य उदय नादयोग सहित कई योग क्रियाएं कराई गईं।
एक से सात मार्च तक आयोजित हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय योग फेस्टिवल में शिरकत के लिए सोमवार सुबह से ही विदेशी साधकों की चहलकदमी बढ़ने लगी थी।
महोत्सव के दृष्टिगत विदेशी प्रतिभागियों, साधकों से लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम के लगभग सभी होटल, आश्रम, लॉज पैक हो गए हैं। क्षेत्र में चल रहे अर्द्ध कुंभ मेले के बावजूद कम भीड़भाड़ से मायूस स्थानीय व्यापारियों के चेहरों पर महोत्सव में उमड़े पर्यटकों की बढ़ती भीड़ से मुस्कान लौट आई है।
क्षेत्र में अधिकतर होटल, आश्रमों में विदेशी साधकों की बुकिंग के चलते कुंभ स्नान, भ्रमण, तीर्थदर्शन के लिए आने वाले अन्य यात्रियों और पर्यटकों को क्षेत्र में रात्रि विश्राम के लिए कमरे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारी अनुसूया प्रसाद पांडेय, डॉ. नारायण सिंह रावत व राजीव गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में कुंभ मेला को शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अपेक्षाकृत मेले में इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी, जिससे उनका व्यापार प्रभावित रहा है। क्षेत्र में आयोजित एक सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय योगा फेस्टिवल के लिए देसी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, इससे थोड़ा बहुत व्यापार चलने की उम्मीद है।
योग महोत्सव में दिखेगी गढ़वाली, कुमाऊंनी संस्कृति
परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में इस बार साधकों के लिए गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति आकर्षण का केंद्र होगी।
महोत्सव में इजराइल, जर्मनी, जापान, चीन, भारत और अमेरिका से शामिल हो रहे कलाकार अपनी संस्कृति एवं संगीत की झलक से साधकों को मंत्रमुग्ध एवं रुबरु करेंगे। साथ ही उत्तराखंड के लोक संगीत के कार्यक्रमों के साथ ही पहाड़ के विभिन्न व्यंजनों को भी खासतौर से परोसा जाएगा।
महोत्सव में बढ़े योग साधक
परमार्थ निकेतन के आश्रम के सूत्रों के अनुसार 16 वें अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2015 में 60 देशों के करीब 1000 से अधिक योग साधकों ने शिरकत की थी। मगर इस साल इंटरनेशनल योगा वीक-2017 में लगभग 72 देशों के 1100 योग साधक प्रतिभाग कर रहे हैं।
चौरासी कुटिया को भूला विभाग
ध्यान- योग की नगरी और विश्व प्रसिद्घ महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया को पर्यटन विभाग और राज्य सरकार भूल गई। योग महोत्सव में विदेशियों के आकर्षण का केंद्र रही चौरासी कुटिया में योग साधकों को योग नहीं सिखाया जाएगा।
डिप्टी डारेक्टर वीएस चौहान और आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने बताया कि चौरासी कुटिया राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क क्षेत्र में है। लिहाजा वहां योग गतिविधियों के आयोजन के लिए पार्क निदेशक को पत्र भेजा गया है। पार्क प्रशासन से से अनुमति मिलने के बाद ही चौरासी कुटिया में साधकों को योगाभ्यास कराया जाएगा।
दिव्यांग लेंगे निशुल्क प्रशिक्षण
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में देश-विदेश से दिव्यांग भी शामिल होंगे। जिन्हें परमार्थ निकेतन की ओर से नि:शुल्क योग प्रशिक्षण देने की बात कही गई है।