महिला दिवस 2019: जिद से जीता ‘आसमान’, ऐसा करने वाली बनीं दुनिया की पहली महिला पर्वतारोही
'ये मंजिलें बड़ी जिद्दी होती हैं, हासिल कहां नसीब से होती हैं, मगर वहां तूफान भी हार जाते हैं, जहां कश्तियां जिद्द पे होती हैं।' सरोवर नगरी में ब्याहीं टुसी अनित साह ने कठिनाईयों से जूझकर माउंटेनिंग में वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है।
इसे जिद का नाम दे दीजिए या दृढ़ इच्छा शक्ति जिसके बलबूते टुसी के लिए कठिनाईयां कभी भी उनके पैरों की बेड़ियां नहीं बन सकीं। उनके मजबूत इरादों के आगे परेशानियों ने घुटने टेंक दिए। जीवन में एक के बाद एक कठिनाइयां आईं, जिन्हें टुसी ने अपने बुलंद इरादों के बलबूते पार पा लिया।
कड़ी मेहनत और भरपूर आत्मविश्वास के बल पर वह वर्ल्ड रिकार्ड बनाने में कामयाब रहीं हैं। आज वह माउंट थलय सागर (6904) फतह करने वाली विश्व की पहली महिला पर्वतारोही हैं। पूरी दुनियां में आज तक कोई महिला यह रिकार्ड नहीं बना पाई है।
एवरेस्ट व कंचनजंगा पर्वत चढ़ने वाली पहली महिला होने का राष्ट्रीय रिकार्ड भी उनके नाम है। उन्होंने साल 2013 में एवरेस्ट व 2014 में कंचनजंगा माउंटेन फतह किया। इसी तरह के कई अन्य रिकार्ड उनके नाम हैं।
उन्हें कई स्वर्ण पदक भी मिले हैं। उनकी शादी सरोवर नगरी में हुई और अब उनकी एक बेटी है। बेटी को भी वह पर्वतारोही बनाना चाहती हैं। आज भी वह मैराथन में हिस्सा ले रही हैं। टुसी बताती हैं कि वह सिर्फ नौ साल की थीं और उसी दौरान उनके पिता का स्वर्गवास हो गया।
इसके बाद उन्होंने दुकान चलाकर अपनी पढ़ाई लिखाई और पर्वतारोहण प्रशिक्षण का खर्च उठाया। शुरूआती दौर में उनको तमाम परेशानियां हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिर में उनकी जीत हुई और सभी परेशानियां हार गईं।