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उत्तराखंड के 1 लाख 40 हजार चालकों का होगा बीमा
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 05 Mar 2016 04:05 AM IST
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बीमा
- फोटो : graphic
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उत्तराखंड सरकार प्रदेश के एक लाख, 40 हजार व्यावसायिक वाहन चालकों का बीमा करवाएगी। इसका बजट में भी प्रावधान किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने योजना का खाका फाइनल कर दिया है। बीमा योजना का फायदा प्रदेश के सभी टैक्सी, ऑटो, ट्रक चलाने वाले ड्राइवरों को मिलेगा।
व्यावसायिक वाहन चालकों के आश्रितों को आर्थिक दृष्टि से सुरक्षा देने की सरकार की ओर से पहली बार पहल की गई है। यह योजना एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। अधिकतम बीमा धनराशि एक लाख रुपये होगी।
सीएम ने की थी घोषणा
प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ के मद्देनजर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में व्यावसायिक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के संबंध में घोषणा की थी।
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सरकारी वाहन चालकों को तो बीमा की व्यवस्था होती है, लेकिन निजी तौर पर व्यावसायिक वाहन चलाने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश में आने वाले सैलानी और व्यापारी प्राइवेट वाहनों का ही उपयोग करते हैं।
परिवहन विभाग ने मांगी टोकन राशि
पहले चरण के लिए परिवहन विभाग ने वित्त विभाग से एक करोड़ रुपये टोकन धनराशि के रूप में मांगे हैं। इसके बाद अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जानी है। परिवहन विभाग ने बीमा योजना का स्लैब तैयार कर लिया है। बीमा राशि की तीन श्रेणियां हैं।
व्यावसायिक वाहन चालकों का 50 और 75 हजार तथा एक लाख रुपये का बीमा किया जाएगा। बीमा की आधी धनराशि राज्य सरकार देगी और आधी धनराशि वाहन चालक को किस्त के रूप में जमा करनी पड़ेगी। इसके लिए बीमा कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
इनका है कहना
एक अप्रैल से व्यावसायिक वाहन चालकों की बीमा योजना शुरू हो जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के रहने वाले वाहन चालक को मिलेगी। अभी एक लाख, 40 हजार व्यावसायिक वाहन चालक विभाग में पंजीकृत हैं। पहले चरण के लिए टोकन मनी मांगी गई है। कई कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। जो बेहतर कंपनी होगी, उससे बीमा कराया जाएगा।
-सीएस नपल्च्याल, सचिव परिवहन
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व्यावसायिक वाहन चालकों के आश्रितों को आर्थिक दृष्टि से सुरक्षा देने की सरकार की ओर से पहली बार पहल की गई है। यह योजना एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। अधिकतम बीमा धनराशि एक लाख रुपये होगी।
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सीएम ने की थी घोषणा
प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ के मद्देनजर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में व्यावसायिक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के संबंध में घोषणा की थी।
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सरकारी वाहन चालकों को तो बीमा की व्यवस्था होती है, लेकिन निजी तौर पर व्यावसायिक वाहन चलाने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश में आने वाले सैलानी और व्यापारी प्राइवेट वाहनों का ही उपयोग करते हैं।
परिवहन विभाग ने मांगी टोकन राशि
पहले चरण के लिए परिवहन विभाग ने वित्त विभाग से एक करोड़ रुपये टोकन धनराशि के रूप में मांगे हैं। इसके बाद अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जानी है। परिवहन विभाग ने बीमा योजना का स्लैब तैयार कर लिया है। बीमा राशि की तीन श्रेणियां हैं।
व्यावसायिक वाहन चालकों का 50 और 75 हजार तथा एक लाख रुपये का बीमा किया जाएगा। बीमा की आधी धनराशि राज्य सरकार देगी और आधी धनराशि वाहन चालक को किस्त के रूप में जमा करनी पड़ेगी। इसके लिए बीमा कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
इनका है कहना
एक अप्रैल से व्यावसायिक वाहन चालकों की बीमा योजना शुरू हो जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के रहने वाले वाहन चालक को मिलेगी। अभी एक लाख, 40 हजार व्यावसायिक वाहन चालक विभाग में पंजीकृत हैं। पहले चरण के लिए टोकन मनी मांगी गई है। कई कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। जो बेहतर कंपनी होगी, उससे बीमा कराया जाएगा।
-सीएस नपल्च्याल, सचिव परिवहन